राहुल चावला, मैक्लोडगंज: धर्मशाला की ग्लोबल सिटी मैकलोड़गंज में शुक्रवार को भारत तिब्बत सहयोग मंच की ओर अपनी स्थापना की रजत जयंति उद्घटान समारोह को बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया गया। मैकलोड़गंज स्थित बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा के टेंपल तुगलुकखांग परिसर में आयोजित किए गए इस समारोह में इस मंच से जुड़ी देश-विदेश की कई नामचीन हस्तियों ने भी शिरकत की।
इस मौके पर जहां मुख्यतिथि के तौर पर भारत में RSS नेता के तौर पर इंद्रेश कुमार ने शिरकत की तो वहीं फिल्म टेलिविजन संस्थान के पूर्व अध्यक्ष और बीआर चोपड़ा की ओर से निर्मित महाभारत काव्य में धर्मराज युधिष्ठिर की भूमिका निभाने वाले अभिनेता गजेंद्र सिंह चौहान ने विशेष अतिथि के तौर पर अपनी मौजूदगी दर्ज करवाई। इस दौरान भारत-तिब्बत मंच के पदाधिकारियों ने गणमान्य लोगों की मौजूदगी में बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा का विशेष सत्कार करते हुए उन्हें शॉल टोपी पहनाई और फिर विशेष सम्मान स्मृति चिन्ह भेंट किया।
इस दौरान इंद्रेश कुमार ने कहा कि कुछ शैतानी ताकतों की ओर से हाल ही में परम पावन दलाईलामा के ऊपर लांछन लगाने की कोशिश की गई मगर उन्हें नहीं मालूम कि अगर सुरज पर थूकने की कोशिश करोगे तो वो थूक खुद पर ही गिरेगा। इस एपिसोड में भी कुछ ऐसा ही हुआ हैं। उन्होंने कहा कि शीतलता, शांति, निर्मलता, करुणा और मैत्री के स्वरूप दलाईलामा पर लांछन लगाकर थूकने की कोशिश की वो थूक उन्हीं के ऊपर जाकर गिरा हैं। उन्होंने कहा कि आज इस मंच के माध्यम से हम सब ऐसे षड्यंत्रों की घोर निंदा करते हैं।
वहीं इस अवसर पर दलाईलामा ने कहा कि उनका इस जगह पर निवास स्थान भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के सौजन्य से नसीब हुआ है और तब से लेकर आज दिन तक यही मेरा स्थायी निवास स्थान हैं। आज हम लोग भारत के विभिन्न स्थानों में रह रहे हैं और भारत में उन्हें हर लिहाज की स्वतंत्रता नसीब हुई हैं। चाहे वो फैसला लेने की स्वतंत्रता हो चाहे धर्म का अभ्यास करने की स्वतंत्रता ही क्यों न हो हमें यहां हर प्रकार की स्वतंत्रता मिली हैं। दलाईलामा ने कहा कि भारत सभी धर्मों में समभाव रखने वाला देश हैं। यहां सभी धर्मों के लोग मिलजुल कर रहते हैं। वहीं उन्होंने कहा कि भारत और तिब्बत की परंपरा में समरुपता हैं। भारतीय भाषाओं में ही तिब्बत की भाषा के भी दर्शन होते हैं तभी से लेकर हम आज तक भारतीय बौद्ध परंपरा को लेकर चल रहे हैं।
