संजु चौधरी,शिमला: प्रदेश में भारी बरसात से हुई तो तबाही के बाद निरीक्षण करने पहुंचे विक्रमादित्य सिंह के अवैध खनन वाले बयान पर सरकार दोफ़ाड़ नजर आ रही हैं। जहां प्रदेश में हुई आपदा के लिए पीडब्ल्यूडी मंत्री अवैध खनन को बड़ा दोषी करार दे रहे हैं तो वहीं उद्योग मंत्री ने पीडब्ल्यूडी मंत्री के इस बयान को बचकाना बयान करार दिया हैं।
बीते दिनों प्रदेश में हुई तबाही के बाद सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने कुल्लू पहुंचे। इस दौरान विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश में हुई तबाही के लिए सिर्फ प्राकृतिक आपदा को जिम्मेवार कहना ठीक नहीं हैं उन्होंने कुल्लू में भारी मात्रा में ईलीगल माइनिंग की बात कही और उसके खिलाफ एक्शन लेने की भी बात कही। वहीं इस पर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान का कहना है कि प्रदेश में हुआ नुकसान प्राकृतिक आपदा के कारण हुआ हैं, इसके लिए खनन को दोषी ठहराना ठीक नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि खनन की छुटपुट घटनाएं है लेकिन इतने बड़े स्तर पर अवैध खनन नहीं हैं। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि वे विक्रमादित्य सिंह के इस बयान से सहमत नहीं हैं। हर्षवर्धन चौहान ने पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह के इस बयान को बचकाना बयान भी करार दिया हैं। उन्होंने विक्रमादित्य के इस बयान पर सवाल करते हुए खड़े करते हुए पूछा कि प्रदेश के हर क्षेत्र में भारी बारिश ने नुकसान किया है वहां पर कहां अवैध खनन किया जा रहा था।
