138 अटल टिंकरिंग लैब से विद्यार्थियों को मिलेगा इनोवेशन का मंच
राहुल चावला, धर्मशाला-:प्रदेश के पीएम श्री स्कूलों में स्थापित अटल टिंकरिंग लैब को विद्यार्थियों के लिए नियमित रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश स्तर पर किए जा रहे स्कूलों के निरीक्षण के दौरान कुछ संस्थानों में लैब स्थापित होने के बावजूद उनका उपयोग नहीं किए जाने का मामला सामने आया था। इसके बाद संबंधित स्कूल प्रबंधन को लैब का नियमित संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
अटल टिंकरिंग लैब में विद्यार्थियों को नवाचार, तकनीक और विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों ने स्कूलों को लैब के लिए उचित कमरे, आवश्यक सुविधाएं और विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही लैब में समय-समय पर विभिन्न गतिविधियों और प्रोजेक्ट आधारित कार्यों का आयोजन करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
प्रदेश में 138 अटल टिंकरिंग लैब स्थापित
स्टेट कोऑर्डिनेटर पीएम श्री, समग्र शिक्षा हिमाचल प्रदेश रवींद्र सिंह ने बताया कि प्रदेश के पीएम श्री स्कूलों में कुल 138 अटल टिंकरिंग लैब स्थापित की गई हैं। इन लैब के माध्यम से विद्यार्थियों को इनोवेशन और तकनीकी गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है। कई शिक्षकों को पहले ही प्रशिक्षण दिया जा चुका है और वे विद्यार्थियों को लैब से संबंधित गतिविधियों के लिए मार्गदर्शन दे रहे हैं।उन्होंने बताया कि लैब की स्थापना के साथ ही संबंधित फर्म की ओर से शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया था। स्कूलों में नए शिक्षकों के आने अथवा शिक्षकों के तबादले के बाद उन्हें भी आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध करवाया जाएगा, ताकि लैब का संचालन प्रभावित न हो।
उपकरण खराब होने पर रिपेयर की सुविधा
अटल टिंकरिंग लैब में लगाए गए उपकरणों के खराब होने की स्थिति में उनकी रिपेयर का भी प्रावधान किया गया है। स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि उपकरणों का उचित रखरखाव किया जाए और तकनीकी समस्या आने पर निर्धारित व्यवस्था के तहत उसे ठीक करवाया जाए।
रवींद्र सिंह ने बताया कि कांगड़ा और चंबा के पीएम श्री स्कूलों के स्कूल लीडर्स से वर्कशॉप के दौरान विद्यालयों की समस्याओं और उनके समाधान को लेकर फीडबैक लिया जा रहा है। समग्र शिक्षा और पीएम श्री योजना के माध्यम से स्कूलों को आवश्यकता के आधार पर जरूरी सहयोग उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ सॉफ्ट स्किल और अन्य गतिविधियों से जोड़ने के लिए भी शिक्षकों को आवश्यक जानकारी दी जाएगी।
