संजु चौधरी,शिमला(TSN): हिमाचल प्रदेश में आई आपदा के बाद राहत और पुनर्वास का काम जारी हैं, लेकिन इसको लेकर सियासत भी थमने का नाम नहीं ले रही हैं। गुरुवार को एक बार फिर नेता विपक्ष जय राम ठाकुर ने सरकार पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए घोषणा के बाद अब तक आपदा प्रभावितों को राहत न देने की बात कही। इस दौरान जयराम ठाकुर ने सरकार पर आपदा प्रभावितों के साथ राजनीति करने का भी आरोप लगाया।
नेता विपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस जब से सत्ता में आई है लगातार झू+ठ बोल रही हैं। नेता विपक्ष ने कहा कि सरकार केवल घोषणा किए जा रही है लेकिन ऐसे में आपदा प्रभावितों के साथ राजनीति करना उचित नहीं हैं। नेता विपक्ष ने कहा कि आपदा में प्रदेश में बहुत लोगों ने अपने घर गवाएं जिसको सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र में 5000 तो शहरी क्षेत्र में 10000 किराए के रूप में देने की बात कही लेकिन अभी तक किसी को भी यह राहत नहीं दी गई हैं। उन्होंने कहा कि लोग टेंट शेल्टर में रिश्तेदारों के घर रहने में मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा आपदा के प्रभावित लोग डोगरी तक में रहने को मजबूर हैं जहां जानवरों को रखा जाता है वहां खुद रहने को मजबूर हो गए हैं।
वहीं वॉटर सेस को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच तनातनी देखने को मिल रही हैं। बीते दिनों जब केंद्र की ओर से वाटर सेस हटाने के लिए सुझाव पत्र भेजा गया। इस पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने इसे राजनीति से प्रेरित पत्र बता दिया जिस पर अब नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने जवाब देते हुए कहा है कि पत्र न केवल हिमाचल को भेजा गया है बल्कि हिमाचल के अलावा उत्तराखंड,जम्मू कश्मीर को भी भेजा गया हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार प्रदेश सरकार के डिक्टेशन के हिसाब से नहीं चलेगी। नेता विपक्ष ने कहा कि कानून के अनुसार मिनरल और माइन के जो प्रावधान हैं केंद्र ने इस हिसाब से पत्र भेजा हैं, लेकिन सरकार कमीशन बनाने के बावजूद केवल फिजूल खर्ची में लगी हैं। उन्होंने कहा कि कमीशन गठित हो गया है अधिकारी गाड़ियों में घूम रहे हैं लेकिन काम अभी कुछ नहीं हुआ हैं।
उधर बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों पर लगाए गए टैक्स को लेकर भी पूर्व मुख्यमंत्री और नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि यह टैक्स हिमाचल प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को पूरा तरह से तबाह कर देगा। उन्होंने कहा कि बीते दिनों में जम्मू कश्मीर में थे जहां पर भारी तादाद में पर्यटक पहुंच रहे हैं ऐसे में जब हिमाचल आना लोगों के लिए महंगा हो जाएगा तो वह हिमाचल क्यों आएंगे। नेता विपक्ष ने इस दौरान सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि आई के स्रोत बढ़ाने के लिए सरकार उन क्षेत्रों को खोजे जहां टैक्स लगाने की जरूरत हैं।
