धर्मशाला, राहुल-: पूर्व भाजपा विधायक विशाल नेहरिया ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र पूरी तरह सुचारू रूप से न चल पाने को प्रदेश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि विधानसभा जनता के मुद्दों को उठाने और सरकार से जवाब मांगने का महत्वपूर्ण मंच है। ऐसे में सदन की कार्यवाही बाधित होना सीधे तौर पर प्रदेश की जनता के हितों को प्रभावित करता है।नेहरिया ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी, आर्थिक संकट, विकास कार्यों में देरी और युवाओं से जुड़े कई गंभीर विषय हैं, जिन पर विधानसभा में सार्थक चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन मुद्दों को गंभीरता से लेने के बजाय सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रही है।
विशाल नेहरिया ने कहा कि विधानसभा को चलाने की मुख्य जिम्मेदारी सत्ता पक्ष और सरकार की होती है। विपक्ष की ओर से प्रदेशहित के मुद्दों को सदन में उठाने तथा सरकार के साथ समन्वय स्थापित करने के प्रयास किए गए हैं, लेकिन सरकार का रवैया सकारात्मक नहीं दिखाई दे रहा। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर सदन की कार्यवाही को प्राथमिकता दी जाए।केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला के मुद्दे पर भी नेहरिया ने प्रदेश सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि धर्मशाला में प्रस्तावित कैंपस के लिए भूमि से जुड़ी अधिकांश औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं, लेकिन अफॉरेस्टेशन फीस जमा करवाने की दिशा में लंबे समय से अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने सरकार से जल्द फीस जमा करवाकर निर्माण कार्य की राह आसान करने की मांग की।नेहरिया ने धर्मशाला और शाहपुर में चल रहे केंद्रीय विश्वविद्यालय के हेरिटेज कैंपस को स्थायी स्वरूप देने के लिए केंद्र सरकार से प्रभावी बातचीत करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में ठोस फैसले लेकर हिमाचल के युवाओं को बेहतर उच्च शिक्षा के अवसर प्रदेश में ही उपलब्ध करवाए जाने चाहिए।

