मंडी : धर्मवीर – हिमाचल प्रदेश सरकार में मंत्रियों द्वारा एक दूसरे पर पलटवार करने से सरकार की कोआर्डिनेशन का जनाजा निकल गया है। प्रदेश में आलम यह है कि कांग्रेस के अपने ही विधायक एक दूसरे के खिलाफ टिप्पणियां कर रहे हैं। यह आरोप नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शनिवार को मंडी में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश सरकार पर लगाए हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल में प्रलयकारी बाढ़ के बाद प्रभावितों को अभी तक राहत के नाम पर सिर्फ वर्तमान सरकार से वायदें ही मिले हैं। प्रदेश सरकार के एक मंत्री द्वारा खनन माफिया पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी जाती है। लेकिन वहीं दूसरी और अन्य मंत्री द्वारा पलटवार करते हुए इस बयान को बचकाना कहा जाता है। कांग्रेस पार्टी के एक विधायक लाहौल और स्पीति की पिन वैली में बीते 3 दिनों से बाढ़ के कारण फंसे हुए हैं। लेकिन उन्हें वहां से रेस्क्यू करने के लिए भी मशीनरी मौजूद नहीं है। जयराम ठाकुर ने कहा कि त्रासदी के इस दौर में कांग्रेस विधायकों द्वारा इस प्रकार की टिप्पणियां किया जाना चिंता का विषय है।
रेस्क्यू के लिए वायुसेना हेलीकॉप्टर करवाए मुहैया
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार के पीडब्ल्यूडी विद्युत और जल शक्ति विभाग द्वारा बाढ़ आने के बाद तेज गति से कार्य नहीं किया गया है। प्रदेश में हुए नुकसान के बाद प्रदेश सरकार के इन विभागों द्वारा युद्धस्तर पर कार्य किया जाना चाहिए था। लेकिन जमीनी स्तर पर अभी तक कुछ भी नहीं हो पाया है। जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार से मांग करते हुए कहा है कि जिन क्षेत्रों में अधिक नुकसान हुआ है वहां पर प्राथमिकता के आधार पर केंद्र द्वारा जारी की गई राहत राशि सरकार जल्द से जल्द पहुंचाने की व्यवस्था करे।
केंद्र सरकार ने दी प्रदेश को 364 करोड़ रूपयों की राहत राशि
जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बाढ़ आने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री, प्रधानमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री सहित अन्य सिर्फ नेतृत्व को नुकसान की जानकारी तुरंत प्रभाव से दी गई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा नुकसान की भरपाई को लेकर तुरंत प्रभाव से सहायता प्रदान भी की है। केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश में राहत कार्यों को लेकर एनडीआरएफ की टीमें और रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए वायुसेना हेलीकॉप्टर को तुरंत भेजा गया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि इसके साथ-साथ केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश को राहत राशि के तौर पर दो किस्त जारी करते हुए लगभग 364 करोड रुपए भी जारी कर दिए हैं।
