मंडी | भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक राकेश जम्बाल ने कांग्रेस सरकार पर आंतरिक खींचतान और सत्ता के केंद्रीकरण का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा और मुख्यमंत्री प्रदेश के विकास तथा जनसमस्याओं पर ध्यान देने के बजाय अपनी ही सरकार के मंत्रियों की भूमिका सीमित करने में व्यस्त हैं।जम्बाल ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों और प्रशासनिक फैसलों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं, लेकिन सरकार का ध्यान इन मुद्दों के समाधान के बजाय आंतरिक शक्ति संतुलन साधने पर है। उन्होंने कहा कि जो मंत्री मुख्यमंत्री की कार्यशैली के अनुरूप चले, उसके लिए परिस्थितियां अनुकूल रहती हैं, जबकि स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने की कोशिश करने वाले मंत्रियों के अधिकार सीमित किए जा रहे हैं।उन्होंने उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के पूर्व में दिए गए एक बयान का हवाला देते हुए कहा, “मुकेश अग्निहोत्री ने कभी कहा था कि विरोधियों को रात के अंधेरे में निपटा दो, लेकिन आज मुख्यमंत्री ने उन्हें दिन के उजाले में ही हाशिये पर ला दिया।”
जम्बाल ने मंडी में एचआरटीसी की नई बसों को हरी झंडी दिखाने के कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि परिवहन विभाग से जुड़े कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा कमान संभालना सरकार के भीतर मंत्रियों की स्थिति पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे यह संदेश गया है कि विभागीय मंत्रियों के अधिकारों और भूमिका को सीमित किया जा रहा है।भाजपा नेता ने शिक्षा विभाग से जुड़े एक विद्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले कार्यक्रम को शिक्षा मंत्री के स्तर पर किए जाने को लेकर चर्चा हुई और बाद में मौसम का हवाला देकर कार्यक्रम रद्द होने तथा मुख्यमंत्री द्वारा वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किए जाने की बात सामने आई। जम्बाल ने सवाल उठाया कि यदि कोई शिक्षा मंत्री अपने विभाग के विद्यालय का उद्घाटन भी स्वतंत्र रूप से नहीं कर सकता, तो मंत्रिमंडल में अन्य मंत्रियों की वास्तविक भूमिका क्या रह गई है।
“मंत्रियों से ज्यादा ताकतवर मुख्यमंत्री की कुर्सी”
जम्बाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार में सामूहिक मंत्रिमंडलीय व्यवस्था के बजाय सत्ता का केंद्रीकरण बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को हर विभाग में हस्तक्षेप करने के बजाय मंत्रियों को अपने विभागों में स्वतंत्र रूप से काम करने का अवसर देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता सरकार के भीतर चल रही राजनीतिक खींचतान से नहीं, बल्कि सड़क, रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा और बेहतर प्रशासन से जुड़ी समस्याओं के समाधान की उम्मीद कर रही है।जम्बाल ने मुख्यमंत्री से आह्वान किया कि मंत्रियों को कमजोर करने की राजनीति छोड़कर प्रदेश के विकास पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि सरकार के भीतर चल रही कथित वर्चस्व की लड़ाई का नुकसान अंततः हिमाचल की जनता को उठाना पड़ रहा है और जनता समय आने पर इसका जवाब देगी।
