By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Summer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - HimachalSummer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - Himachal
Aa
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
Reading: जाइका वानिकी परियोजना ने देमुल गांव को दी थ्रेशिंग मशीनों की सौगात
Share
Summer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - HimachalSummer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - Himachal
Aa
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
Search
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
© 2022 Dawn News Network Pvt Ltd. | News Media Company | All Rights Reserved.
Summer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - Himachal > Blog > himachal > जाइका वानिकी परियोजना ने देमुल गांव को दी थ्रेशिंग मशीनों की सौगात
himachalNews

जाइका वानिकी परियोजना ने देमुल गांव को दी थ्रेशिंग मशीनों की सौगात

Chandrika
Chandrika 2 Min Read
Updated 2024/08/18 at 8:42 PM
Share

काजा,18 अगस्त (TSN)-हिमाचल प्रदेश का अति दुर्गम क्षेत्र देमुल को जाइका वानिकी परियोजना ने थ्रेशिंग मशीनों की सौगात दी। काजा से 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित देमुल गांव के लोग दरअसल जौ की फसल को ताड़ने के लिए गदों का इस्तेमाल करते थे।इससे निजात दिलाने के लिए यहां के ग्रामीणों ने जाइका वानिकी परियोजना के समक्ष थ्रेशिंग मशीनों की मांग की थी,जिसे पूरी हो गई।

70 घरों के परिवारों ने समीर रस्तोगी का जताया आभार

देमुल 70 घरों वाला गांव है और जाइका वानिकी परियोजना ने डीजल से ऑपरेट होने वाली दो थ्रेशिंग मशीनें वितरित की। वण्य प्राणी मंडल स्पीति के एसीएफ चमन लाल ठाकुर की अध्यक्षता में यहां के लोगों को थ्रेशिंग मशीनें बांटी। देमुल के ग्रामवासियों ने उनकी जटिल समस्या का समाधान करवाने के लिए जाइका वानिकी परियोजना के मुख्य परियोजना निदेशक समीर रस्तोगी और जैव विविधता विशेषज्ञ डा. एसके काप्टा का आभार व्यक्त किया।बता दें कि समीर रस्तोगी बीते 1 मई को अपनी टीम के साथ देमुल गांव पहुंचे तो वहां के बाशिंदों ने थ्रेशिंग मशीनों की मांग की थी। मुख्य परियोजना निदेशक ने आश्वासन दिया था कि जल्द से जल्द समस्या का समाधान करेंगे। ऐसे में अब यहां के लोगों की मांग पूरी हुई तो पूरे गांव में खुशी का माहौल बना हुआ है।गौरतलब है कि जाइका वानिकी परियोजना के जैव विविधता विशेषज्ञ डा. एसके काप्टा अक्तूबर 2023 को देमुल गांव के दौरे पर पहुंचे तो वहां के लोग गदों से जौ की थ्रेशिंग करते दिखे। उसी दिन वहां की जनता ने पहली बार डा. एसके काप्टा से थ्रेशिंग मशीनों की मांग थी।ऐसे में जाहिर है कि जाइका वानिकी परियोजना ने अति दुर्गम क्षेत्र की जनता के दर्द को समझते हुए दो थ्रेशिंग मशीनें भेंट की।

TAGGED: Kaza JICA Forestry Project
Chandrika August 18, 2024
Share this Article
Facebook TwitterEmail Print
Previous Article बंजार में पेड़ों की अंधाधुंध कटान में सरकार और माफिया साथ- साथ : जयराम ठाकुर
Next Article पार्षदों के रिक्त पदों पर चुनाव करवाए बिना मेयर का चुनाव करवाना सीएम की तानाशाही-जयराम ठाकुर
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Browse by Category
  • Accident
  • Business /Employement
  • crime
  • education
  • election
  • festival
  • health
  • himachal
  • News
  • political
  • political
  • Religion
  • Sports
  • Uncategorized
  • weather
  • शख़्सियत

You Might Also Like

सोलन में साइबर अपराध और नशे के खिलाफ युवाओं को किया गया जागरूक

Ago

मुख्यमंत्री सुक्खू ने ‘ग्रीन शिमला, अवर शिमला’ पौधरोपण सप्ताह का किया शुभारंभ

Ago

हीलिंग नाले के पास कार खाई में गिरी, दो युवकों की दर्दनाक मौत

Ago

स्तनपान करवाने से महिलाओं में कम हो जाता है ब्रेस्ट कैंसर के पनपने का खतरा

Ago

1058, Mall Enclave, DAYAL NAGAR,
Ludhiana, Punjab 141001

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?