संजु चौधरी, शिमला: भारतीय पत्रकार कल्याण मंच की ओर से गुरुवार को शिमला के एतिहासिक गेयटी थिएटर में एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में “आजादी के 75 वर्षो में पत्रकारों का योगदान ” विषय पर चर्चा की गई। इस अवसर पर राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने संगोष्ठी में अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि पत्रकारों की ओर से लिखे गए एक- एक शब्द पर पढ़ने वाले लोग मंथन करते है और इन्हीं शब्दों का व्यापक असर समाज पर पड़ता हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता ने निर्भीकता से स्वतंत्रता के बाद अपने मिशन को बढ़ाया है और भारत के विकास में आने वाली हर अच्छे -बुरे विषयों को उजागर किया हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र पत्रकारिता हिन्दुस्तान का प्रमुख अंग हैं।
राज्यपाल ने पत्रकारों का आह्वान करते हुए कहा कि हिमाचल को देवभूमि बनाने के लिए और अधिक संघर्ष करना पड़ेगा और नशे की कुरीतियों को खत्म करना होगा। उन्होंने कहा कि पत्रकार सरकार को डराने का मादा रखते है तो पत्रकार नशे के ख़िलाफ़ भी डर पैदा करे और नशे जैसी कुरीतियों के ख़िलाफ़ समाज में माहौल बनाने के प्रयास करें।
