नाहन/देवेंद्र कुमार: संशोधित वेतनमान ना मिलने पर न्यायिक कर्मचारियों ने काले बिल्ले लगाकर सरकार द्वारा किए जा रहे सौतेले व्यवहार का विरोध जताया है। मांगे पूरी ना होने की सूरत में कर्मचारियों ने आंदोलन की भी चेतावनी दी। न्यायिक कर्मचारी रतन शर्मा ने बताया कि सरकार द्वारा उन्हें संशोधित वेतनमान ना दिए जाने के विरोध में 21 सितंबर से सभी न्यायिक कर्मचारी काले बिल्ले लगाकर विरोध जता रहे हैं। 26 सितंबर से मांगे पूरी ना होने की सूरत में कर्मचारियों ने गेट मीटिंग के माध्यम से भी विरोध जताने की योजना बनाई है।
उन्होंने बताया कि 11 अक्टूबर को न्यायिक कर्मचारियों ने सामूहिक छुट्टी लेने का निर्णय लिया है। यदि फिर भी सरकार उनकी मांगों को लेकर गौर नहीं करती तो 21 अक्टूबर से कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का भी मन बना लिया है। वहीं युवा न्यायिक कर्मचारी सचिन राणा का कहना है कि अन्य सभी विभागों में यह संशोधित वेतनमान दिया जा चुका है। उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि सरकार न्यायिक कर्मचारियों के साथ क्यों यह सौतेला व्यवहार कर रही है। इस सौतेले व्यवहार की वजह से कर्मचारियों में रोष पनप रहा है। उन्होंने कहा कि अपना अधिकार लेने के कर्मचारी आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए भी तैयार हैं।
