नूरपुर (संजीव महाजन): प्रदेश में समय नशा सबसे बड़ी चुनौती और समस्या बन चुका है। प्रदेश की युवा पीढ़ी नशे की गर्त में डूबती जा रही है। ऐसे में इस युवा पीढ़ी को नशे से बाहर लाने के लिए और नशे को खत्म करने के लिए जिला कांगड़ा में बंगाली समुदाय के जिलाध्यक्ष अनुपम मुखर्जी ने पुलिस-प्रशासन के साथ मिलकर चिट्टा माफियाओं के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है। अनुपम मुखर्जी ने बताया कि अभी तक पुलिस के साथ मिलकर दर्जनों मामले पकड़वाए गए है और आगे भी अभियान जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि कुछेक अपने समुदाय के लोगों से तो स्वयं ही यह कार्य उन्होंने बंद करवा दिया गया है जोकि आज अच्छे कारोबार कर रहे है। अनुपम मुखर्जी ने कहा कि आज ज्वाली चिट्टा माफिया का गढ़ बन चुका है। तरनतारन, अमृतसर से चिट्टा की सप्लाई ज्वाली पहुंचती है। उन्होंने कहा कि बंगाली समुदाय के लोग अब पैसों की खातिर चिट्टा का धंधा कर रहे हैं जिससे युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है। उन्होंने कहा कि मुझे इस कार्य के लिए कई लोगों की धमकियों का भी सामना करना पड़ता है।
बंगला समुदाय को एसीसी कैटेगरी ने डाले सरकार
अनुपम मुखर्जी ने सरकार के मांग की है कि उनके समुदाय को एससी कैटेगिरी में डाला जाए ओर बोर्ड का गठन किया जाए ताकि नौकरियों में उन्हें रियायत मिल सके। उन्होंने कहा कि आज हमारे समुदाय के बच्चे अच्छे खिलाड़ी है ओर काफी पढ़े-लिखे हैं लेकिन उनको रोजगार नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे पुश्तैनी काम को करने की पांगी की तर्ज पर परमिशन दी जाए या फिर नौकरियां दी जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, जिलाधीश कांगड़ा डॉ निपुण जिंदल से मांग की है कि हमारे समुदाय के लिए अलग बोर्ड का गठन किया जाए।
