कुल्लू : मनमिंन्द्र अरोड़ा – ऐतिहासिक लाल चंद प्रार्थी कला केंद्र में वसंतोत्सव की सांस्कृतिक संध्या आयोजित की गई। पीपल जातर का समापन मुख्य संसदीय सचिव आशीष बुटेल ने किया। इस दौरान नगर परिषद कुल्लू के अध्यक्ष गोपाल कृष्ण महंत ने मुख्यातिथि का स्वागत किया। वहीं, पीपल मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में किंग ऑफ नाटी ठाकुर दास राठी ने खूब धमाल मचाया।
मेले के अंतिम दिन मुख्य संसदीय सचिव आशीष बुटेल भी कुल्लू पहुंचे। उन्होंने कहा कि मेले और त्योहार हमारी संस्कृति का एक अभिन्न अंग है जिसके माध्यम से हम अपने कला, संगीत को संरक्षित करते हैं। देव भूमि कुल्लू अपनी समृद्ध संस्कृति के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 101 करोड़ रुपये के शुरुआती प्रावधान के साथ मुख्यमंत्री सुख आश्रय कोष की स्थापना की घोषणा की है। सरकार सत्ता सुख के लिए नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन के लिए आए हैं। वहीं, पीपल मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में किंग ऑफ नाटी ठाकुर दास राठी ने खूब धमाल मचाया। राठी ने हो बांकी चंद्रा, हवा लागी चंडीगढ़ा री, प्रमिला तेरे गांव लागे मेले, छोकरे हिमाचली नहीं डरदे, नीरू चौली घूमदी, शालू रे क्वार्टरा, हो सुमित्रा, झूमके वाली मेरी झुमके वाली गीतों की झड़ी लगाकर दर्शकों को झूमाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। जब राठी ने मेरी श्री देवीए कखे चली तू गीत गाया तो दर्शक झूम उठे। वहीं, प्रसिद्ध लोक गायिका नीरू चांदनी ने भी एक से बढक़र एक गीतों को प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोहा। वहीं, दुष्यंत ठाकुर ने भी दर्शकों को नचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
