भावना शर्मा, पालमपुर: अलग आप लाहौल स्पिति को देखने को चाह रखते है लेकिन वहां जा नहीं सकते तो कोई बात नहीं आप पालमपुर से 12 किलोमीटर दूर स्थित कला गांव अंद्रेटा में शोभा सिंह आर्ट गैलरी में आ कर भी लाहौल स्पिति को देख सकते है। यहां आपको स्पिति के अलग-अलग नज़ारे यहां लगी फ़ोटो प्रदर्शनी के माध्यम से देखने को मिलेंगे। आर्ट गैलरी में आज लाहौल और स्पीति जिले की स्पीति घाटी के कठिन इलाकों के विभिन्न रंगों को दर्शाने वाली एक फोटो प्रदर्शनी “द स्पीति वैली” का आयोजन किया गया है। यह प्रदर्शनी कला गांव अंद्रेट्टा में शोभा सिंह आर्ट गैलरी में स्थित आर्टिस्ट रेजीडेंसी में लगाई गई है।
शिक्षक दिवस पर आयोजित इस प्रदर्शनी को फोटो कलाकार डॉ. मधुमीत सिंह की ओर से उनके शिक्षक माता-पिता को समर्पित की गई है। उन्होंने बताया कि इस प्रदर्शनी में प्रदर्शित 30 तस्वीरें भूगोल, वनस्पतियों और जीवों, कला और संस्कृति और स्पीति घाटी के जीवन को दर्शाती है। विभिन्न ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अपने प्रवास के दौरान डॉ. सिंह ने लाहौल, किन्नौर, पांगी, भरमौर, डोडरा क्वार आदि के जीवन और संस्कृति को कैद किया है और पांच हजार से अधिक तस्वीरों का संग्रह की किया है।
उन्होंने बताया की यह उनकी दूसरी प्रदर्शनी है और उनकी पहली प्रदर्शनी ‘हिमाचल थ्रू माई आईज’ थी जिसे कुछ साल पहले शोभा सिंह आर्ट गैलरी परिसर में भी आयोजित किया गया था। डॉ मधुमीत सिंह पशु चिकित्सा विशेषज्ञ है और पालमपुर फार्म विश्वविद्यालय से निदेशक विस्तार शिक्षा के रूप में सेवानिवृत्त है। उनकी यह प्रदर्शनी 20 सितंबर तक चलेगी
इन्होंने किया उद्घाटन
प्रसिद्ध शिक्षक प्रो.धरा पठानिया और शोभा सिंह कलाकार की बेटी बीबी गुरचरण कौर ने संयुक्त रूप से कला प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य की सुंदरता का चित्रण करने वाले ऐसे कलाकारों की सेवाओं का उपयोग संबंधित एजेंसियों की ओर से हिमाचल प्रदेश के ब्रांड एंबेसडर के रूप में किया जाना चाहिए। समारोह में बड़ी संख्या में कला प्रेमी और पर्यटक शामिल हुए।
