कुल्लू (मनमिन्दर अरोड़ा): भाजपा में मचा घमासान शांत होने का नाम ही नहीं ले रहा है। आपसी खींचतान में भाजपा को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। वहीं दूसरी ओर जो कांग्रेस पार्टी बैकफुट पर नजर आ रही थी अब पूरी तरह से फ्रंटफुट पर दिखती हुई नजर आ रही है। भाजपा में न सिर्फ कुल्लू सदर बल्कि चारों ही विधानसभाओं में आपसी झगड़े में घिर चुकी है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता महेश्वर सिंह पर भाजपा हाईकमान ने विश्वास जताते हुए अपनी लिस्ट में उन्हें पार्टी प्रत्याशी बनाया लेकिन महेश्वर सिंह के बेटे का बंजार विधानसभा से आजाद प्रत्याशी उतरना महेश्वर सिंह के लिए संकट बन गया है। गत दिवस महेश्वर सिंह अपने बेटे हितेश्वर सिंह को मनाने में लगे रहे लेकिन उन्होंने साफ किया कि बंजार क्षेत्र की जनता उन्हें पीछे हटने नहीं दे रही। महेश्वर सिंह को खाली हाथ वापिस लौटना पड़ा। भाजपा हाईकमान ने नरोत्तम ठाकुर पर विश्वास जताया और उसने भाजपा प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया।
भाजपा द्वारा ठाकुर को पार्टी प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने के लिए अधिकृत पत्र भी सौंप दिया है। जिससे साफ है कि पार्टी किसी प्रकार के समझौते के मूड में नहीं दिख रही। नरोत्तम को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद भाजपा में घमासान शांत तो हो सकता है लेकिन पार्टी जिस प्रकार बंटी है इसका चुनावों पर असर होना स्वाभाविक है। अब महेश्वर सिंह के निवास रूपी पेलेस में हुई अहम बैठक में फैसला लिया है कि वह आजाद प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ेंगे उन्होंने अपना नामांकन भी दाखिल कर दिया है। इन चुनावों में पहली बार ऐसा हो रहा है कि भाजपा के 3 प्रत्याशी चुनावी दंगल में उतरे हैं जोकि भाजपा के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं।
