मंडी,धर्मवीर(TSN)-बार काउंसिल मंडी के अधिवक्ताओं ने मंगलवार को केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे अधिवक्ता अधिनियम 1962 में संशोधन का विरोध करते हुए सड़कों पर उतरकर धरना प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।अधिवक्ताओं ने अपना एक ज्ञापन डीसी मंडी के माध्यम से केंद्र सरकार को भी भेजा।
अधिवक्ता अधिनियम में संशोधन मंजूर नहीं,यह वकीलों की आजादी पर प्रहारहिमाचल विधि परिषद के सदस्य अधिवक्ता देश राज शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार अधिवक्ता अधिनियम 1962 में संशोधन करके अधिवक्ताओं की आजादी को छिनना चाहती है।अब इस अधिनियम में ऐसे प्रावधान किए जा रहे हैं जिससे वकील न तो विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं और न ही हड़ताल।ऐसा करने पर उन्हें दंडित करने का प्रावधान रखा जा रहा है। इसके साथ ही बार काउंसिल में सरकार अपने प्रतिनिधियों को घुसाकर इस व्यवस्था को भी हल्का करने की मंशा में है।उन्होंने कहा कि वकीलों का पेशा पूरी तरह से स्वायत और स्वतंत्र है।इसपर नियंत्रण रखकर केंद्र सरकार लोकतंत्र पर धब्बा लगाने की सोच रही है।आज सरकार वकीलों की स्वतंत्रता छिनने की कोशिश कर रही है जबकि कल न्यायलयों की स्वतंत्रता भी छीनी जाएगी।
यदि केंद्र सरकार ने किया संशोधन तो फिर वकील करेंगे उग्र प्रदर्शन
देश राज शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार के इस बदलाव को किसी भी सूरत में बर्दाशत नहीं किया जाएगा।देश की आजादी के बाद अधिवक्ताओं को अपना काम करने की जो आजादी मिली है उसमें फिर से गुलामी की जंजीरें नहीं पड़ने देंगे। इसलिए केंद्र सरकार इस संशोधन पर पुर्नविचार करे।यदि केंद्र सरकार ऐसा नहीं करती है तो फिर आने वाले समय में और उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।
