हमीरपुर,अरविन्द सिंह(TSN)-जिला में नशे की डोज बनी दर्द निवारक दवाई टपेंटाडोल का रिकार्ड मेंटेन न करने पर आठ मेडिकल स्टोर संचालकों के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए गए हैं। तीन दिनों के लिए इनके लाइसेंस का सस्पेंड कर दिया गया है। तीन दिनों तक यह दुकानें नहीं खोल पाएंगे तथा इसी समयावधि में टपेंटाडोल की विक्री के संदर्भ में रिकार्ड भी औषधि विभाग को प्रस्तुत करना होगा।यदि तीन दिनों के भीतर सही रिकार्ड प्रस्तुत नहीं कर पाए तो सस्पेंशन लंबी चल सकती है।विभागीय कार्यवाही से आठ मेडिकल स्टोर संचालकों की दुकानों पर ताला लटक गया है।इन्होंने अपनी दुकानों के बाहर तीन दिन दुकान बंद रहने के नोटिस भी चस्पा दिए हैं।
तीन दिन के लिए सस्पेंड किए गए लाइसेंस, रिकार्ड किया तलब
बता दें कि हमीरपुर जिला में चिट्टे के नशा करने वाले मरीजों को उपचार के लिए टपेंटाडोल दवाई दी जाती है।यह कोई नारकोटिक ड्रग नहीं है,लेकिन इसका दुरुपयोग किया जा रहा था। नशे छुड़ाने के लिए दी जा रही यह दवाई ही नशे का कारण बन गई। मेडिकल कालेज के मनोचिकित्सा विभाग से इसे लिखा जाता है।नशे के साथ पुलिस द्वारा पकड़े गए कुछ युवकों से पूछताछ में एक किराना स्टोर का नाम सामने आया था। उसी मामले की जांच में खुलासा हुआ था कि टपेंटाडोल का इस्तेमाल नशे के लिए किया जा रहा है। इसके बाद औषधि विभाग की तरफ से मेडिकल स्टोर संचालकों का रिकॉर्ड खंगाला गया था।यह रिकार्ड असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर मंडी को भेजा गया था। वहां से ही आठ मेडिकल स्टोर संचालकों के लाइसेंस तीन दिन के लिए सस्पेंड किए गए हैं।
ड्रग इंस्पेक्टर हमीरपुर दिनेश गौतम ने बताया कि आठ मेडिकल स्टोर संचालकों के लाइसेंस तीन दिन के लिए सस्पेंड किए गए हैं।तीन दिनों में भीतर इन्हें सही रिकार्ड विभाग के पास जमा करवाना होगा। यदि रिकार्ड विभाग के पास जमा नहीं करवाया तो सस्पेंशन लंबी चल सकती है। इन्हें बाद में कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा।
