बिलासपुर, सुभाष -:राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला 2026 के अंतर्गत 19 मार्च को एक विशेष एकदिवसीय साहित्य उत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस साहित्यिक कार्यक्रम में देश के प्रसिद्ध साहित्यकार, चर्चित कवि और सामाजिक सरोकारों से जुड़े लेखक नीलोत्पल मृणाल मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगे। युवाओं के बीच लोकप्रिय नीलोत्पल मृणाल अपनी लेखनी, विचारों और सामाजिक सक्रियता के कारण समकालीन हिंदी साहित्य में अलग पहचान रखते हैं।
उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि यह साहित्य उत्सव नलवाड़ी मेले के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य साहित्य के माध्यम से समाज में सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देना और युवाओं को साहित्यिक गतिविधियों से जोड़ना है।नीलोत्पल मृणाल मूल रूप से बिहार-झारखंड क्षेत्र से जुड़े हैं और समकालीन हिंदी साहित्य के प्रमुख रचनाकारों में गिने जाते हैं। वर्ष 2016 में उन्हें देश में युवाओं के लिए दिया जाने वाला प्रतिष्ठित “साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार” प्राप्त हो चुका है। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, ग्रामीण जीवन, पर्यावरण और मानवीय संवेदनाओं के विविध रंग दिखाई देते हैं, जिसके कारण उनके साहित्य को पाठकों का व्यापक समर्थन मिला है।
उनके चर्चित उपन्यास “डार्क हॉर्स”, “औघड़” और “यार जादूगर” हिंदी साहित्य में बेहद लोकप्रिय रहे हैं। इनमें से “डार्क हॉर्स” को विशेष सफलता मिली है और इसकी लगभग दस लाख प्रतियां बिक चुकी हैं। वहीं “औघड़” और “यार जादूगर” भी लगातार पढ़े जाने वाले और चर्चित उपन्यासों में शामिल हैं। हाल ही में उनकी नई पुस्तक “विश्वगुरु” प्रकाशित हुई है, जिसे पाठकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी यह पुस्तक काफी लोकप्रिय हो रही है।साहित्य उत्सव के दौरान विभिन्न विषयों पर संवाद और विचार-विमर्श के लिए कई सत्र आयोजित किए जाएंगे। “चर्चा पर चर्चा” शीर्षक से आयोजित एक विशेष सत्र में बिलासपुर के प्रमुख साहित्यकार “मेरे लिए साहित्य के मायने” विषय पर अपने विचार साझा करेंगे। इस सत्र में साहित्य की भूमिका, समाज में उसकी प्रासंगिकता और युवा पीढ़ी के साथ उसके संबंधों पर चर्चा की जाएगी।इसके अतिरिक्त “आज के दौर में पोषण की आवश्यकता क्यों महत्वपूर्ण है” विषय पर भी एक विशेष सत्र रखा गया है। इस चर्चा में विशेषज्ञ चिकित्सक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और आशा वर्कर्स भाग लेंगे तथा पोषण और स्वास्थ्य से जुड़े अपने अनुभव और जानकारी साझा करेंगे। इस पहल का उद्देश्य समाज में स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
कार्यक्रम के अंतर्गत जिला के बहुभाषी कवियों के लिए भी अलग-अलग सत्रों में कवि सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में स्थानीय कवियों और रचनाकारों को अपनी रचनाएं प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा, जिससे क्षेत्र की साहित्यिक प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलेगा। प्रशासन को उम्मीद है कि यह साहित्य उत्सव न केवल साहित्य प्रेमियों के लिए प्रेरणादायक होगा, बल्कि युवाओं को रचनात्मक गतिविधियों की ओर भी आकर्षित करेगा।
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Chandrika
