संजु चौधरी, शिमला: आपातकाल के दौरान जेलों में गए लोगों की पेंशन योजना पर हिमाचल में सियासत गरमा गई हैं। पूर्व सरकार के समय में इन लोगों के लिए शुरू की गई लोकतंत्र प्रहरी योजना को हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सरकार ने बंद कर दिया हैं। इस योजना को बंद करने का प्रश्न बुधवार को विधानसभा में लगा था। पूर्व मुख्यमंत्री एवं विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने पॉइंट ऑफ आर्डर के तहत इस मामले को उठाया और सरकार से पूछा कि लोकतंत्र प्रहरी योजना बंद क्यों की गई ? जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस को लेकर सदन में बिल लाया गया हैं उस पर चर्चा के दौरान वह इसका जवाब देंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि आपातकाल के दौरान लोगों को जेलों में डाला गया। शांता कुमार को 19 महीने जेल में रखा गया। ऐसे लोगों के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार ने “लोकतंत्र प्रहरी योजना” शुरू की थी। जिसके तहत प्रदेश के 80 लोगों को 12 हज़ार व 20 हज़ार की पेंशन का प्रावधान किया गया था, जिसको सरकार ने बंद किया हैं,जोकि दुर्भाग्यपूर्ण हैं।
उन्होंने कहा कि यूपी व राजस्थान जैसे राज्यों में भी यह योजना चलाई जा रही हैं, लेकिन कांग्रेस का कहना गलत हैं कि केवल आरएसएस के चुनिंदा लोगों को लाभ देने के लिए पूर्व भाजपा सरकार ने यह योजना शुरू की थी।
