कुल्लू :मनमिंदर अरोड़ा (TSN)-अयोध्या में होने वाले श्री रामलला मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में कुल्लू स्थित भगवान रघुनाथ के मंदिर से चांदी की चरण पादुका,चौकी, वस्त्र व चौउर भेंट की जाएगी। इन सभी वस्तुओं को लेकर भगवान रघुनाथ के छड़ीबरदार महेश्वर सिंह आज अयोध्या के लिए रवाना हो गये है। उनके साथ रघुनाथ के पुजारी सहित तीन लोग शामिल हैं।
अयोध्या के लिए रवाना होने से पहले भगवान रघुनाथ के मंदिर में पूजा-अर्चना की गयी। जिसके बाद रामलला को भेंट स्वरूप दिए जाने वाले चांदी की चरण पादुका और अन्य सामान को भगवान रघुनाथ के समक्ष रखा गया और पूजा की गयी आपको बता दे की रामलला की जन्मभूमि अयोध्या से देवभूमि कुल्लू का 374 साल पुराना रिश्ता है।सन 1650 को भगवान रघुनाथ की मूर्ति को अयोध्या से कुल्लू लाया गया था। जिसके बाद राजा ने अपना सारा राजपाठ भगवान रघुनाथ को सौंपा और खुद भगवान रघुनाथ के मुख्य छड़ीबरदार बन गए जिसके बाद कुल्लू जिला में भगवान रघुनाथ की पूजा की जाने लगी। इसी कड़ी को आगे बढ़ते हुए अब महेश्वर सिंह भगवान रघुनाथ के छड़ीबरदार की भूमिका निभा रहे है ऐसे में आज वह रामलला के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने के लिए आयोध्या रवाना हो गए है।
इस दौरान मंदिर में महिलाओ ने भजन कीर्तन किया और मंदिर से सरवरी बाजार तक शोभा यात्रा भी निकाली गयी। जय श्री राम के उद्घोष के साथ राम भक्तो में उत्साह देखने को मिला। और भगवान रघुनाथ के छड़ीबरदार महेश्वर सिंह को स्थानीय जनता ने मंदिर में चढ़ाने के लिए भेट भी दी। इस दौरान जगह जगह चांदी की चरण पादुका, चौकी, वस्त्र व चौउर के दर्शन करने के लिए लोग भी मौजूद रहे और सभी ने रामलला को दी जाने वाले भेंट के दर्शन किये आपको बता दे की रघुनाथ के मुख्य छड़ीबरदार महेश्वर सिंह को भी अयोध्या आने का निमंत्रण मिला था। इसी के तहत आज महेश्वर सिंह अयोध्या के लिए रवाना हो गए है ।
