राहुल चावला,धर्मशाला(TSN)-स्टेट कैडर के विरोध में पटवार एवं कानूनगो की सामूहिक हड़ताल शनिवार को चौथे दिन में प्रवेश कर गई।सरकार के अडिय़ल रवैया का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।हालांकि पिछले दो दिन हुई भारी बारिश के दौरान आपदा संबंधी कार्यों में पटवारी एवं कानूनगो की अग्रणी भूमिका रही।सेवानिवृत्त पटवारी एवं कानूनगो वर्ग ने भी दोबारा सेवाएं देने से इन्कार कर दिया है।ऐसे में आम जनता सरकार के अडिय़ल रवैया के कारण परेशानी झेल रही है।गौरतलब है कि पटवार एवं कानूनगो महासंघ के आह्वान पर जिला भर में पटवारियों एवं कानूनगो ने 25 व 27 फरवरी को सामूहिक अवकाश के बाद 28 फरवरी से पेन डाउन स्ट्राइक शुरू कर दी है।
जिला स्तर पर हुई नियुक्तियां तो जबरदस्ती स्टेट कैडर क्यों थोपा जा रहा
प्रदेशभर में पटवारियों की इस हड़ताल का शनिवार को दूसरे दिन भी पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा समर्थन जारी रहा।हड़ताल पर बैठे पटवार एवं कानूनगो महासंघ के पदाधिकारियों का कहना है कि जब उनकी नियुक्तियां जिला स्तर पर हुई हैं तो जबरदस्ती स्टेट कैडर क्यों थोपा जा रहा है।सुविधाओं के नाम पर पटवार घरों की दयनीय हालत का तो सुधार करने में सरकार नाकाम रही है और आनन-फानन में फैसले लेने पर उतारू है।संघ के मुताबिक पटवारी अपने निजी मोबाइल से आनलाइन काम करके सरकार की नीतियों को अमलीजामा पहनाकर कार्य कर रहे हैं,जबकि सरकार धरातल पर होने भी समस्याओं को नजरंदाज कर रही है।
पदाधिकारियों का कहना है कि पटवारियों से काम टेक्निकल लिया जा रहा है,लेकिन सरकार टेक्निकल स्केल के योग्य नहीं मान रही। साथ ही उनका कहना है यदि सरकार ने स्टेट कैडर करना ही चाहती है तो आगामी भर्तियां से इसे लागू करे। शनिवार को भी बहुत से लोग केवाईसी तथा अन्य जरूरी प्रमाणपत्र नहीं बनवाने से वंचित रहे।पटवारी एवं कानूनगो वर्ग का कहना है कि स्टेट कैडर करने का विरोध करने के पीछे प्रदेश के राजस्व रिकार्ड में भी एकरूपता का नहीं होना भी शामिल है।उनका कहना है कि सरकार आनन फानन में फैसले ले रही है जो प्रदेश हित में नहीं है।सरकार के इस फैसले से पटवारियों एवं कानूनगो वर्ग की सीनियोरिटी पर भी विपरीत असर पड़ेगा।शनिवार को जिला कांगड़ा की समस्त तहसीलों व उपमंडलाधिकारी कार्यालयों के पटवारियों एवं कानूनगो वर्ग ने एकजुटता दिखाकर सरकार के विरोध में प्रदर्शन किया।
