राहुल चावला, धर्मशाला: प्राथमिक शिक्षक संघ जिला कांगड़ा इकाई ने जिले के 23 खंड प्रधान व उनकी कार्यकारिणी सदस्यों सहित उप निदेशक शिक्षा निरीक्षण जिला कांगड़ा की ओर से प्राथमिक पाठशालाओं में निरीक्षण के दौरान प्राथमिक शिक्षक वर्ग से दुर्व्य+वहार करने व मानसिक रूप से प्रता+ड़ित करने के आरोप लगाए हैं। संघ ने इसका विरोध जताने के लिए कार्यालय प्रांगण में शुक्रवार 23 जून से क्रमिक अनशन शुरू किया हैं।
प्राथमिक शिक्षक संघ जिला कांगड़ा के अध्यक्ष अनिल भटिया ने निरीक्षण टीम के उपनिदेशक प्रकाश चंद व प्रधानाचार्य सुभाष चंद पर आरोप लागते हुए बताया कि पाठशाला में निरीक्षण के दौरान शिक्षकों व बच्चों की शिक्षण गतिविधियों पर सुधार संबंधी कोई सुझाव या निर्देश ना देकर केवल दुर्व्य+वहार व अपना रौब दिखाकर मानसिक रूप से प्रता+ड़ित करने का काम किया जा रहा हैं। निरीक्षण टीम के साथ पूर्व में राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ जिला कांगड़ा इकाई ने तीन बार बैठक करके निवेदन किया था कि प्राथमिक पाठशालाओं में बहुत सारी पाठशालाएं ऐसी हैं जहां एक या दो अध्यापक ही कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त पाठशाला के अन्य गैर शैक्षणिक कार्य भी शिक्षकों की ओर से ही निपटाए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि इससे पहले भी शिक्षक संघ 17 जून को अपने सांकेतिक धरना प्रदर्शन में अधिकारियों के स्थानांतरण की मांग करते हुए ऐलान किया था कि अगर इनका स्थानांतरण जिले से बाहर नहीं किया गया तो 23 जून से क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा। जिला अध्यक्ष अनिल भाटिया व प्रदेश महासचिव संजय पीसी ने जिले के 23 खंडों की ओर से पारित प्रस्ताव के अनुसार मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर व शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि शीघ्र ही इन अधिकारियों का स्थानांतरण जिले से बाहर किया जाए।
उन्होंने कहा कि अगर इन अधिकारियों का स्थानांतरण नहीं किया जाता है तो प्राथमिक शिक्षक संघ जिला कांगड़ा के सदस्य इसी तरह अपना क्रमिक अनशन जारी रखेगा।
