कुल्लू : मनमिंदर अरोड़ा – पूरे प्रदेश में अब भी रुक रुक कर भारी बरसात का सिलसिला जारी है। आपदा का दंश झेल रहे कुल्लू जिला में लगातार भूस्खलन से सामान्य जीवन अभी भी पटरी पर नहीं लौटा है।
बंजार विधानसभा क्षेत्र से विधायक सुरेंद्र शौरी ने आज पंचायत प्रतिनिधियों के साथ गड़सा घाटी के विभिन्न गांवों में आपदा प्रभावितों से मुलाकात की व व्यक्तिगत रूप से लोगों को हुए नुकसान का जायजा लिया। ग्रामीण क्षेत्रों में संचार व यातायात के समुचित साधन अभी तक बहाल नहीं हो पाए हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में अभी तक सही से आपदा से हुए नुकसान का आकलन नहीं हो पाया है और न ही राहत पहुँचाई जा सकी है। बंजार विधायक सुरेंद्र शौरी ने कहा है कि बंजार, कुल्लू व मनाली विधानसभा इस आपदा से अति प्रभावित हुए हैं व इस समय प्रशासनिक स्तर पर भी राहत, बचाव व पुनर्वासन कार्यों का अतिरिक्त दबाव है।
भुंतर में आपदा के बाद भी नहीं भरा गया तहसीलदार का पद
जिला की भुंतर तहसील के अन्तर्गत मणिकर्ण व गड़सा घाटी के साथ मैदानी क्षेत्रों में भारी तबाही हुई है। परंतु यहाँ भुंतर तहसील में तहसीलदार का पद वर्तमान में रिक्त चल रहा है। जिससे प्रशासनिक स्तर पर राहत व आकलन कार्यों में काफ़ी समस्याओं व जटिलताओं का सामना करना पड़ रहा है व अपेक्षित तेज़ी से यह कार्य नहीं हो पा रहे हैं। अत: सरकार को चाहिए कि ऐसे समय में प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करे व भुंतर तहसील में तहसीलदार की स्थाई या अस्थाई तौर पर नियमित नियुक्ति की जाए। आपदा के ऐसे समय में प्रशासन से बेहतर कार्य लेने के लिए आवश्यक है कि इन महत्वपूर्ण पदों को त्वरित भरा जाना चाहिए ताकि आपदा की इस घड़ी में प्रभावी व बेहतर तरीके से बचाव व राहत कार्य किए जा सकें। स्थानीय विधायक ने कहा है कि ग्रामीण व दुर्गम इलाकों में अब भी उपयुक्त राहत व आपदा आकलन कार्य नहीं हो पा रहा है। यातायात व संचार साधन सुगम होने के साथ ही और अधिक जानकारी सामने आ रही है।
