Shimla,Sanju –हिमाचल प्रदेश में इस वर्ष मानसून समय से पहले दस्तक दे चुका है और इसके साथ ही राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश और बादल फटने की घटनाएं सामने आ रही हैं। अब तक राज्य को ₹300 करोड़ से अधिक का नुकसान हो चुका है और 17 लोगों की जान जा चुकी है।
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने जानकारी दी कि कुल्लू और कांगड़ा जिलों में बादल फटने की घटनाओं से सबसे अधिक नुकसान हुआ है। खासकर सड़कों और पुलों को भारी क्षति पहुंची है। सड़कों के अवरुद्ध होने के कारण आवागमन प्रभावित है और कई ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क टूटा हुआ है।
जगत सिंह नेगी, राजस्व मंत्री:
“मानसून इस बार समय से पहले आ गया है। कुल्लू और कांगड़ा में बादल फटने की वजह से जान-माल का काफी नुकसान हुआ है। अब तक 17 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। सड़कें, पुल, बिजली और पेयजल परियोजनाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।”
वर्तमान में राज्य भर में 37 सड़कें अवरुद्ध हैं और 47 ट्रांसफार्मर ठप हो चुके हैं। कई क्षेत्रों में पेयजल परियोजनाएं बाधित हो गई हैं जिससे आम जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
आने वाले दिनों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है:
- 28 जून को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में एक-दो स्थानों पर बहुत भारी वर्षा की संभावना।
- 29 जून से 1 जुलाई तक ऊना, हमीरपुर, सोलन, सिरमौर और कांगड़ा में भारी वर्षा जबकि चंबा, कुल्लू, मंडी और शिमला में भारी से बहुत भारी वर्षा की आशंका जताई गई है।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है।
