राहुल चावला,हमीरपुर: पालमपुर में हर साल की तरह इस साल भी सेना की भर्ती आयोजित की गई है। इस भर्ती के लिए प्रदेशभर से हजारों युवा यहां पहुंचे है, लेकिन इस बारे में युवाओं को खाने और रहने का ठिकाना ढूंढने के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ रहा है और ना ही बिना छत के रात गुजारनी पड़ रही है। इनके रहने से लेकर खाने-पीने तक की व्यवस्था परागपुर के मुकेश ठाकुर की ओर से की गई है।
मुकेश ठाकुर ने इन युवाओं के लिए टांडा में रहने और खाने की व्यवस्था की है जिसमें 700 से 800 युवा हर रोज यहां इनके पास भर्ती के दौरान रुक रहे है और खाना भी यहां खा रहे है। बात की जाए पालमपुर में आर्मी की भर्ती की तो यहां भर्ती के लिए आने वाले युवाओं को फुटपाथों पर रात गुजारने के लिए मजबूर होना पड़ता था। कई बार तो खराब मौसम में भी युवक सड़कों पर रहने के लिए मजबूर होते थे और उन्हें सर छुपाने के लिए कोई छत नहीं मिल पाती थी ।उनकी इसी परेशानियों को समझते हुए सरकार की ओर से तो कोई कदम नहीं उठाए गए लेकिन मुकेश ठाकुर ने खुद ही इन युवाओं को आश्रय देने का जिम्मा उठाया। मुकेश ठाकुर की वजह से इन युवाओं को रहने और खाने के लिए परेशान नहीं होना पड़ रहा है और वह आराम से भर्ती में भाग ले पा रहे है।
अकसर भर्ती के दौरान युवाओं को यहां वहां दर-दर की ठोकरें खानी पड़ती थी लेकिन इस बार युवाओं को बेहतर सुविधा मिल रही है इसका सारा श्रेय परागपुर से संबंध रखने वाले मुकेश ठाकुर को जाता है। यही नहीं जिला कांगड़ा में भर्ती होने आने वाले युवाओं के लिए मुकेश ठाकुर ने अपनी बसों में उनको उनके गृह क्षेत्र से भर्ती स्थान तक पहुंचाने तक किसी तरह का कोई किराया नहीं लिया बल्कि बसों में इनको मुफ्त में लाया जा रहा है। युवाओं के लिए मुकेश ठाकुर का प्यार देखकर युवाओं की आंखें भी भर आई है।
युवाओं ने बताया कि जिस तरह का काम मुकेश ठाकुर कर रहे है इस तरह का काम सरकार को करना चाहिए। वहीं जब मुकेश ठाकुर से इस बारे में बात की गई तो मुकेश ठाकुर ने कहा कि वह एक बार जब रात को भर्ती के समय वह भर्ती स्थान से गुजर रहे थे तो उन्होंने रात को भर्ती ग्राउंड के पास युवाओं को जमीन पर सोते देखा तो उनसे रहा नहीं गया और उन्होंने तभी से मन बना लिया था कि पालमपुर में जब भी भर्ती होगी तो युवाओं के रहने और खाने का प्रबंध करूंगा।
इससे पहले मुकेश ठाकुर ने पुलिस भर्ती में भी इसी तरह का आयोजन किया था। मुकेश ठाकुर जिला कांगड़ा के युवाओं को अपनी बसों में भर्ती ग्राउंड तक फ्री लाकर छोड़ रहे है। हर दिन इनके पास तकरीबन हजार के करीब युवक खाना खाते है और इन्हीं के बनाए हुए आशियाने और टैंटो में सोते है। युवाओं में एक अलग ही खुशी का माहौल देखने को मिला है और यह भी कहा जा सकता है कि इन युवाओं के लिए मुकेश ठाकुर किसी मसीहा से कम नहीं है। वहीं मुकेश ठाकुर ने बताया कि तब तक यह भर्ती चलेगी इसी तरह का आयोजन वह करते रहेंगे।
