भावना शर्मा, शिमला: हिमाचल में चुनावी वर्ष में कांग्रेस युवाओ को लुभाने में लगी है और प्रदेश में रोजगार यात्रा शुरू की है और हिमाचल में पांच लाख युवाओं को रोजगार देने की गारंटी साथ ही हर विधानसभा में 10 करोड़ का स्टार्टअप फंड देने का एलान किया। सोमवार को एआईसीसी के ज्वाइंट सेक्रेटरी एवं युवा कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अलावरू ने शिमला में पत्रकार वार्ता कर कांग्रेस के 5 लाख युवाओं को रोजगार देने की घोषणा पर स्थिति स्पष्ट की।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने प्रदेश में 5 लाख रोजगार देने की गारंटी दी है। उसके लिए सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों को भरने के साथ ही निजी क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर पैदा किए जाएंगे। इसके अलावा प्रत्येक विधानसभा में 10 करोड़ का स्टार्ट-अप फंड स्थापित किया जाएगा। इससे युवाओं को ब्याज रहित लोन दिया जाएगा। स्टार्ट-अप के लिए युवाओं को फंड के साथ फाइनासिंयल गाइडेंस, टैक्निकल हेल्प अन्य सहायता भी दी जाएगी।
इस दौरान उन्होंने प्रदेश और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा ओर भाजपा सरकार पर युवाओं को धोखा देने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश और केंद्र सरकार युवाओं को रोजगार देने में नाकाम साबित हो रही है। प्रदेश में बेरोजगारी दर हर साल बढ़ रही है और भाजपा इसके लिए कुछ नहीं कर पाई है।
कृष्णा अलावरू ने कहा है कि कांग्रेस की सरकारों ने विपरीत परिस्थितियों में भी रोजगार दिया है। पूर्व मनमोहन सरकार के समय में पूरी दुनिया में बड़ा वित्तीय संकट आया था, लेकिन उन्होंने उस दौर में भी रोजगार दिया गया, अंतराष्ट्रीय बाजार में मंहगा होने पर ही तेल 60-70 रुपए लीटर देकर मंहगाई को कंट्रोल किया। रोजमर्रा चीजों के दामों को भी बढ़ने नहीं दिया। मनमोहन सरकार ने मनरेगा जैसी बड़ी योजनाएं लाकर करीब 14 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर लाया गया।
इसी तरह हिमाचल की पूर्व वीरभद्र सिंह सरकार के समय में बेरोजगारी 3 से 5 फीसदी तक थी, वहीं मौजूदा जयराम सरकार के कार्यकाल में यह 20 फीसदी तक पहुंच गई। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को सत्ता में लाने का मन बना लिया है। कांग्रेस ने जो युवाओं को नौकरी देने का वादा किया है उसे पूरा किया जाएगा। कांग्रेस को पता है कि सरकार कैसे चलानी है।
