भावना शर्मा: आज की युवा पीढ़ी के समक्ष सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी की हैं। पढ़ाई लिखाई करने के बाद भी युवाओं को रोजगार नहीं मिल पा रहा हैं। ऐसे में अगर युवा नौकरी के पीछे ना भागकर पारंपरिक खेती को भी अपनाते हैं तो उससे भी युवा मुनाफा कमा सकते हैं और अपने लिए बेहतर आमदनी के साथ ही बेहतर व्यवसाय खड़ा कर सकते हैं। खेती की अगर बात की जाए तो मशरूम की खेती भी एक बेहतर व्यवसाय के रूप में युवाओं को बेहतर आमदनी देने का जरिया बन सकती हैं। क़ई ऐसे युवा है जो मशरूम की खेती से ही दोगुना मुनाफा कमा रहे हैं। अपनी अच्छी खासी नौकरी छोड़ सभी युवा इसी मशरूम की खेती के व्यवसाय को अपनाकर अपने लिए रोजगार जुटाने के साथ ही दूसरे लोगों को भी रोजगार के अवसर मुहैया करवा रहे हैं।
खास बात यह हैं कि मशरूम की अच्छी गुणवत्ता वाले उत्पाद से आप अपने निवेश का 10 गुना तक कमा सकते हैं। वहीं दूसरी फसलों की खेती के मुकाबले मशरूम की खेती करना बेहद ही आसान और सरल कार्य हैं। वही मशरूम की खेती से जुड़े गुर सीखने के लिए कई तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम भी कृषि विश्वविद्यालयों और अनुसंधान केंद्रों में करवाएं जाते हैं।
होम फार्मिंग से भी शुरू कर सकते हैं आप मशरूम उगाने का व्यवसाय
अगर आप भी मशरूम की खेती करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको किसी बड़े निवेश की आवश्यकता नहीं हैं। आप होम फॉर्मिंग से इसकी शुरुवात कर सकते हैं। घर के एक कमरे में भी मशरुम के कारोबार की शुरूआत कर सकते हैं। मशरूम की खेती के बारे में सबसे अच्छी चीजों में से एक चीज़ यह है कि आपको मशरूम उगाने के लिए बड़े खेत की जरूरत नहीं है। आप अपने घर के किसी भी कमरे में मशरूम का फार्म शुरू कर सकते हैं। सिर्फ 5000 रुपए के निवेश से आप मशरूम उगाना शुरू कर सकते हैं और अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं।
मशरूम उत्पादन के लिए 15 से 22 डिग्री सेल्सियस का चाहिए तापमान
मशरूम की खेती के लिए तापमान 15-22 डिग्री सेल्सियस के बीच होना चाहिए। वहीं अगर आर्द्रता स्तर की बात की जाए तो आर्द्रता लगभग 80-90 प्रतिशत होना चाहिए, और स्वस्थ मशरूम उगाने के लिए अच्छी गुणवत्ता वाली खाद का होना भी आवश्यक हैं।
कुछ इस तरह से करें खाद तैयार
मशरूम की खेती आमतौर पर अक्टूबर और मार्च के महीने के बीच की जाती हैं। गेहूं या चावल की भूसी को केमिकल के साथ मिलाकर खाद तैयार की जाती है और इसे तैयार होने में करीब एक महीने का समय लगता हैं। इसके बाद, मशरूम के बीजों को एक सख्त सतह पर लगाया जाता है और खाद से ढक दिया जाता हैं जिसके बाद मशरूम लगभग 40-50 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाता हैं।
कृषि विश्वविद्यालयों ओर अनुसंधान केंद्रों में मिलेगा मशरूम की खेती का ज्ञान
अगर आप मशरूम की खेती करना चाहते हैं ओर इसके लिए आप अपने फार्म की शुरुवात करना चाहते हैं तो आपको उचित प्रशिक्षण प्राप्त करना आवश्यक हैं। मशरूम की खेती का प्रशिक्षण कृषि विश्वविद्यालयों और अनुसंधान केंद्रों में उपलब्ध हैं। उचित प्रशिक्षण यह सुनिश्चित करेगा कि आपके पास एक सफल मशरूम की खेती का व्यवसाय चलाने के लिए ज्ञान और कौशल हैं।
