चन्द्रिका-आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर इन्सान इतना व्यवस्थ है कि अपने स्वास्थ्य को भी नजरअंदाज कर देता है। आज के समय मे हृदय रोग की समस्या भी बढ़ती जा रही है और कई लोग साइलेंट अटैक का शिकार हो रहे हैं।
हृदय रोग के जानिए क्या है लक्षण
हृदय रोग किन कारणों से होता है और इसके क्या लक्षण है ,इस बारे में हम में से बहोत से लोगो को पता ही नही होता है। ऐसे में कई बार हम अपने स्वास्थ्य के साथ लापरवाही कर देते हैं। हृदय रोग के लक्षणों की बात की जाए तो अस्वास्थ जीवन शैली, खराब आहार, शारीरिक निष्क्रियता, तम्बाकू का उपयोग और शराब के हानिकारक सेवन कोरोनरी हृदय रोग के प्रमुख कारण हो सकते है। इसके अलावा सीने में दर्द और बेचैनी, चक्कर आना, बेहोशी, नाराज़गी, तेज़ दिल की धड़कन (टैचीकार्डिया), सांस की तकलीफ और धीमी गति से हृदय गति भी ह्रदय रोग के लक्षण है।
ये भी हो सकते है कारण
जन्मजात हृदय दोष जन्म के समय मौजूद होते हैं और नवजात शिशुओं में पीली या नीली त्वचा या होंठ (सायनोसिस), पैरों, पेट और आंखों के आसपास सूजन और स्तनपान के दौरान सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षण पैदा कर सकते हैं।
कार्डियोमायोपैथी के कारण हृदय रोग
कार्डियोमायोपैथी हृदय की मांसपेशियों की एक बीमारी है जो चक्कर आना, हल्कापन, और बेहोशी, थकान, व्यायाम करते समय या आराम से सांस लेने में तकलीफ, रात में सांस लेने में कठिनाई, अनियमित दिल की धड़कन और पैरों, घुटनों और पैर की उंगलियों में सूजन का कारण बनती है।
हृदय वाल्व के कारण हृदय रोग के लक्षण
हृदय के वाल्व भी हृदय रोग का कारण बन सकते हैं, जिससे सीने में दर्द, चक्कर आना, थकान, अनियमित दिल की धड़कन, सांस की तकलीफ और पैरों, घुटनों और पैर की उंगलियों में सूजन हो सकती है।
हृदय रोग के लक्षण महसूस करने पर करवाए जांच
हृदय रोग एक गंभीर समस्या हैै जिसे नजरअंदाज नही किया जाना चाहिए। हृदय रोग से सम्बंधित कोई भी लक्षण महसूूस करने पर जांच जरूर करवाए।इसके अलावा स्वस्थ जीवन शैली का पालन करें और हृदय रोग के जोखिम को कम करने के लिए नियमित जांच करवाएं।
