Dharamshala, Rahul-:बैंक अधिकारी और कर्मचारी वर्ष 2015 से सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन करीब दस साल बीत जाने के बावजूद इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसी मांग को लेकर मंगलवार को बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों ने एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की। धर्मशाला में भी बैंक कर्मियों ने हड़ताल के दौरान नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया।
आल इंडिया बैंक इम्प्लाइज एसोसिएशन, हिमाचल प्रदेश के महासचिव राजकुमार गौतम ने बताया कि पूर्व में इसी मांग के तहत माह के दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश दिया गया था और यह आश्वासन भी दिया गया था कि भविष्य में फाइव डे वीक बैंकिंग लागू की जाएगी। यह मांग यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स द्वारा उठाई गई थी, लेकिन अब तक छह बार हड़ताल होने के बावजूद सरकार ने इस पर कोई गंभीरता नहीं दिखाई।उन्होंने कहा कि चीफ लेबर कमिश्नर दिल्ली के समक्ष किए गए कमिटमेंट्स को भी नजरअंदाज किया गया है। इसी के विरोध में देशभर में बैंक कर्मचारियों ने एकजुट होकर हड़ताल की। एक माह पूर्व वित्त मंत्रालय को ज्ञापन सौंपकर सांकेतिक हड़ताल की चेतावनी भी दी गई थी।
राजकुमार गौतम ने बताया कि यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स, जिसमें बैंकिंग क्षेत्र की नौ प्रमुख यूनियनें शामिल हैं, की आगामी बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने संकेत दिए कि मार्च माह के अंत में दो दिन की सांकेतिक हड़ताल भी की जा सकती है।उन्होंने कहा कि बैंकों में लंबे समय से नई भर्तियां नहीं हो रही हैं, जिससे मौजूदा कर्मचारियों पर कार्यभार लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में फाइव डे वीक लागू होने से बैंक कर्मियों को दो दिन का अवकाश मिलेगा, जिससे वे नई ऊर्जा के साथ अपने कार्यों का निर्वहन कर सकेंगे।
