Shimla, Sanju-:हिमाचल प्रदेश सरकार ने समग्र शिक्षा के तहत कक्षा-कक्ष मूल्यांकन को अधिक वैज्ञानिक, प्रभावी और अधिगम-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से एक उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की है। यह कार्यक्रम ConveGenius, STARS तथा Cambridge University के सहयोग से तैयार किया गया है और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप शिक्षकों को आधुनिक मूल्यांकन तकनीकों में दक्ष बनाने पर केंद्रित है। राज्य भर के 33,000 से अधिक सरकारी शिक्षकों को ब्लूम्स टैक्सोनॉमी, KUA (Knowledge–Understanding–
दो दिवसीय कार्यशाला प्रारूप में आयोजित इन प्रशिक्षणों में शिमला, मशोबरा, सुन्नी और कसुम्पटी शिक्षा खंडों से प्राथमिक, मध्य एवं माध्यमिक स्तर के शिक्षक बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। जिला स्तर पर मास्टर ट्रेनर अध्यापक प्रतिभागियों को प्रश्नपत्र निर्माण की वैज्ञानिक प्रक्रिया, अधिगम परिणामों के अनुसार प्रश्नों के चयन, विषयवार ब्लूप्रिंट तैयार करने और उत्तर पुस्तिकाओं के विश्लेषण जैसी महत्वपूर्ण क्षमताओं का अभ्यासाधारित प्रशिक्षण दे रहे हैं। इससे शिक्षकों में न केवल मूल्यांकन संबंधी दक्षता बढ़ रही है, बल्कि कक्षा-कक्ष में सीखने-सिखाने की गुणवत्ता भी बेहतर होने की उम्मीद है।
डिजिटल स्तर पर स्विफ्टचैट मंच पर उपलब्ध कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित ऑनलाइन मॉड्यूल शिक्षक समुदाय को अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त प्रमाणन प्रदान कर रहे हैं। साथ ही “शिक्षक मंच” पर शिक्षक अपने अनुभव साझा कर सहयोग, संवाद और नवाचार को बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे अधिगम की सामूहिक संस्कृति विकसित हो रही है।शिमला जिले में फ्लोरेंस विला, बनूटी में आयोजित इन प्रशिक्षणों का संचालन शवेता चौहान द्वारा किया जा रहा है। यह पहल डीआईईटी शिमला के उपनिदेशक (गुणवत्ता नियंत्रण) बलविंदर गुलेरिया तथा डीआईईटी समन्वयक डॉ. संजीव शर्मा के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक आगे बढ़ रही है। मई 2025 से 20 नवंबर 2025 के बीच लगभग 2,500 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जो इस पहल के व्यापक प्रभाव को दर्शाता है।यह एकीकृत प्रशिक्षण मॉडल हिमाचल प्रदेश में मूल्यांकन प्रणाली को आधुनिक, पारदर्शी और अधिगम-उन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरगामी कदम साबित हो रहा है।
