Shimla, 20 November-:ऊर्जा संरक्षण राष्ट्रीय अभियान-2025 के तहत एसजेवीएन और विद्युत मंत्रालय द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता के पारितोषिक वितरण समारोह में बुधवार को हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश हाइड्रो पावर का केंद्र रहा है और यहीं से एसजेवीएन की शुरुआत भी हुई थी। वीरभद्र सिंह द्वारा निगम में दी गई इक्विटी आज इसे नवरत्न कंपनी के स्तर तक ले आई है। पठानिया ने कहा कि ऊर्जा उत्पादन और संरक्षण दोनों ही देश के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। तेजी से बढ़ती जनसंख्या और आवश्यकताओं को देखते हुए भारत को ग्रीन एनर्जी की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाने होंगे।उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में करीब साढ़े 12 हजार मेगावाट वार्षिक बिजली उत्पादन हो रहा है, जबकि क्षमता 30 हजार मेगावाट तक है। उन्होंने जोर दिया कि पर्यावरण संरक्षण अब विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्यता है। प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती आवृत्ति जलवायु परिवर्तन का संकेत है। इसलिए हर नागरिक, संस्था और सरकार को सामूहिक रूप से नॉन-कन्वेंशनल ऊर्जा स्रोतों को अपनाने की दिशा में कार्य करना चाहिए। सौर और पवन ऊर्जा जैसे विकल्पों को बढ़ावा देने तथा वेस्ट मैनेजमेंट इंडस्ट्री को विकसित करना समय की मांग है।
कार्यक्रम के दौरान एसजेवीएनएल के निदेशक पर्सनल अजय शर्मा ने बताया कि इस वर्ष राज्य स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता में प्रदेश के 12 जिलों के 2,23,917 बच्चों ने भाग लिया। लगभग 4825 स्कूलों ने इसमें सहभागिता की। दो दशकों में 20 लाख से अधिक बच्चों तक ऊर्जा संरक्षण का संदेश पहुंचाया गया है।प्रतियोगिता दो थीम— एक ग्रह, एक अवसर: ऊर्जा बचाएं और ऊर्जा संरक्षण: मेरी जिम्मेदारी, हमारा भविष्य— पर आधारित रही। दोनों ग्रुप में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को क्रमशः 50,000, 30,000 और 20,000 रुपये प्रदान किए गए। सभी प्रतिभागियों को 2000 रुपये और एलईडी बल्ब भी दिए गए।विजयी प्रतिभागियों को अब 11 दिसंबर 2025 को दिल्ली में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर मिलेगा, जिसका पुरस्कार वितरण समारोह 14 दिसंबर को राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस पर होगा।
