राहुल चावला, धर्मशाला: देश में प्रचलित विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों के प्रचार-प्रसार के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में 18 से 20 नवंबर तक ऋषिकेश में इंटरनेशनल कांफ्रेंस ऑन होलिस्टिक हेल्थ का आयोजन किया जा रहा है। कांफ्रेंस का आयोजन नेशनल इंस्टीटयूट आफ हेल्थ (एनआईएच) की ओर से किया जा रहा है, जिसमें रेबिसन इंडिया इलेक्ट्रोहोम्योपैथी फार्मा चंबा हिमाचल प्रदेश की ओर से टेक्निकल पार्टनर के रूप में सहयोग किया जाएगा।
एनआईएच के स्टेट कंवीनर डॉ. सुरेंद्र ठाकुर ने बताया कि इंटरनेशनल कांफ्रेंस ऑन होलिस्टिक हेल्थ का मुख्य उद्देश्य भारत में प्रचलित विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों का प्रचार-प्रसार करना है। इंटरनेशनल कांफ्रेंस में विश्व के विभिन्न 20 देशों के प्रतिनिधि भाग लेेंगे। वहीं देश के विभिन्न राज्यों के 500 से अधिक प्रतिनिधि शरीक होंगे। इस इंटरनेशनल कांफ्रेंस का मुख्य बिंदु इलेक्ट्रोहोम्योपथी रहने वाला है। डॉ. सुरेंद्र ने बताया कि होलिस्टिक हेल्थ अवेयरनेस अभियान के तहत 1 व 2 दिसंबर को हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इससे पहले भी चंबा में 16 से 20 अक्टूबर तक नेशनल कांफ्रेंस का आयोजन किया जा चुका है, जिसमें देश भर के 200 डेलीगेटस ने भाग लिया था। डॉ. सुरेंद्र ने दावा किया कि इलेक्ट्रोहोम्योपैथी में सभी रोगों का 99 फीसदी उपचार संभव है, क्योंकि इस पद्धति की दवाइयां पूरी तरह से नेचुरल होती हैं। हिमाचल की बात करें तो 1 लाख के करीब प्रेक्टिशनर इलेक्ट्रोहोम्यापैथी में प्रेक्टिस कर रहे हैं।
