बिलासपुर,सुभाष -: जिला सोलन के अर्की क्षेत्र में आयोजित ऐतिहासिक एवं प्रसिद्ध बाड़ीधार मेले के अवसर पर जिला बिलासपुर के नम्होल क्षेत्र के समाजसेवियों द्वारा दुधली फुखर मंदिर के समीप दो दिवसीय विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान मेले में पहुंचने वाले हजारों श्रद्धालुओं को प्रेमपूर्वक प्रसाद वितरित कर सेवा भावना का परिचय दिया गया।
भंडारे में श्रद्धालुओं के लिए विशेष रूप से मालपुआ, खीर और कढ़ी-चावल की व्यवस्था की गई थी।दो दिनों तक लगातार चलने वाले इस सेवा कार्य में नम्होल क्षेत्र के अनेक समाजसेवी, युवा और स्वयंसेवक दिन-रात जुटे रहे। प्रसाद तैयार करने, वितरण करने, श्रद्धालुओं को बैठाने तथा संपूर्ण व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने में सभी ने बढ़-चढ़कर योगदान दिया।आयोजकों ने श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पेयजल, विश्राम और बैठने की समुचित व्यवस्था भी की थी। भंडारे में आने वाले लोगों ने व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए आयोजन को अनुकरणीय बताया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर सेवा कार्य में लगे स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया।समाजसेवियों ने बताया कि धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में सेवा करना उनकी संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। इसी भावना के तहत हर वर्ष मेले के दौरान भंडारे का आयोजन किया जाता है, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को भोजन और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि समाज में भाईचारे, सहयोग और मानव सेवा की भावना को भी प्रोत्साहित करते हैं।
