सोलन/योगेश शर्मा: सोलन नगर निगम में मेयर ओर डिप्टी मेयर के खिलाफ आया अविश्वास प्रस्ताव आने वाले चुनावों में कांग्रेस पर भारी पड़ सकता है। नाटकीय ढंग से बुधवार को भाजपा और कांग्रेस के 11 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव डीसी सोलन कृतिका कुलहरी को सौंप नगर निगम गिराने की आखिर पहल कर ही दी। भाजपा पार्षद काफी समय से कांग्रेस पार्षदों के मनमुटाव में सुलग रही आग पर घी डालने का प्रयास कर रहे थे। आज वह इस आग को भड़काने में कामयाब रहे। नगर निगम सोलन के भाजपा और कांग्रेस के 11 पार्षदों ने एक साथ मिलकर डिसिशन कृतिका खिलाड़ी को ज्ञापन सौंपा है। इस मौके पर कांग्रेस पार्षद सरदार सिंह से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मेयर ओर डिप्टी मेयर द्वारा वादा खिलाफी की गई है। जिसके चलते उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव पारित किया है।
उन्होंने कहा कि यह वादा खिलाफी का नतीजा है लेकिन वह पार्टी के सच्चे सिपाही है। सरदार सिंह ने कहा कि नगर निगम चुनाव में पानी के बिल,कूड़े के बिल को लेकर बात कही गई थी लेकिन आम जनता इन बिलों से अब त्रस्त है और इसका जवाब पार्षदों से हर वार्ड की जनता मांग रही है।ऐसे में मेयर डिप्टी मेयर भी पार्षदों की बात को नहीं सुन रहे हैं। वहीं वार्ड नंबर 9 के भाजपा पार्षद शैलेंद्र गुप्ता ने कहा कि नगर निगम सोलन जब से कांग्रेस की सोलन में बनी है तब से वादाखिलाफी जारी है । पानी के बिल और अन्य बिलों को लेकर जो बात कांग्रेस ने कही थी उसको पूरा नहीं किया जा रहा है। शैलेंद्र गुप्ता ने कहा कि आज नगर निगम के 11 पार्षद जिसमें कांग्रेस भाजपा के पार्षद भी शामिल है।
इन पार्षदों ने डीसी को सौंपा अविश्वास प्रस्ताव
कांग्रेस के वार्ड नं 17 के पार्षद सरदार सिंह,वार्ड नं 10 की पार्षद ईशा सूद, वार्ड नं 07 की पार्षद पूजा और वार्ड नं04 की पार्षद संगीता ठाकुर ने भाजपा के पार्षदों जिसमे भाजपा पार्षद शैलेंद्र गुप्ता,कुलभूषण गुप्ता, सुषमा ठाकुर, रजनी, मीरा आनंद,सीमा और रेखा साहनी मौजूद रहे,जिन्होंने एक साथ मिलकर डीसी सोलन को अविश्वास प्रस्ताव मेयर डिप्टी मेयर के खिलाफ सौंपा है।
