शिमला/चन्द्रिका: वन्यप्राणी प्रकृति का अहम हिस्सा है , लेकिन आज ग्लोबल वार्मिंग के चलते कई वन्यजीवों की प्रजाति भी कम हुई है। वन्य जीवों को संरक्षित करने के लिए वन विभाग कई योजना भी चला रहा है, जिसमे वन्य प्राणियों को गोद लेने की योजना से लोगों को जोड़ा जाएगा। वन्य प्राणियों को गोद लेने की योजना के तहत राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने प्रथम नागरिक के तौर पर विधिवत रूप से जुजु राणा को गोद लेकर समाज को सार्थक संदेश दिया। बता दें कि जुजुराणा हिमाचल प्रदेश का राज्य पक्षी है। प्रदेशभर में इस पक्षी की संख्या लगभग 2 हजार है।

अतिरिक्त मुख्य अरण्यपाल, वन्य प्राणी अनिल ठाकुर ने बताया कि विभाग वन्य प्राणियों के सरंक्षण के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि शिमला में एक कार्यक्रम में चैड़ मुर्गा की पुर्नस्थापना कार्यक्रम के तहत 10 पक्षी बीते दिन छोडे़ गए हैं। इससे पहले भी 2019 -20 में भी पक्षियों को छोड़ा गया। इसके अलावा वन्य प्राणियों को गोद लेने की योजना भी चलाई जा रही है। इसके तहत एडवेंचर रिजार्ट के मालिक बलदेव ठाकुर जिन्होंने चीता गोद लिया है और भूषण ठाकुर और स्वर्ण आभा ज्वैलर्स जिन्होंने जिन्होंने मुर्गा गोद लिया है।

राज्य पक्षी जुजु राणा प्रदेश के किन्नौर, चम्बा , मंडी, धौलाधार बर्ड सेंचुरी में पाया जाता है। वन विभाग वन्य प्राणियों के संरक्षण को लेकर लोगों को भी जागरूक कर रहा है। हिमाचल प्रदेश वन विभाग के वन्यप्राणी प्रभाग , वेटेनरी डॉ करन ने बताया कि समय समय पर विभाग पक्षियों के रखरखाव का कार्य करता है। इसके लिए समय समय पर इनके स्वास्थ्य की जांच की जाती है। उन्होंने बताया कि स्वस्थ पक्षियों को पुर्नस्थापना कार्यक्रम के तहत छोड़ा जाता है ताकि इससे अन्य किसी पक्षी को भी नुकसान न हो।
