बिलासपुर:सुभाष ठाकुर- कोरोना की चौथी लहर से निपटने के लिए घुमारवीं सिविल अस्पताल प्रशासन सचेत हो गया है।बिना मासक के अब अस्पताल मे आने की मनाही है । साथ ही रोजाना 10 से 15 कोविड-19 के टेस्ट किए जा रहे हैं,हालांकि पिछले 1 हफ्ते से शुरू हुए कोविड-19 में अभी तक कोई भी मरीज कोविड-19 संक्रमित नहीं पाया गया है,लेकिन अस्पताल प्रशासन कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए पूरी तरह सचेत हो गया है। इसको लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई है और आइसोलेशन वार्ड पूरी तरह से तैयार कर दिया गया है।
घुमारवीं खण्ड चिकित्सा अधिकारी का ये कहना
घुमारवीं खण्ड चिकित्सा अधिकारी पुष्पेंद्र सिंह राणा ने बताया कि घुमारवीं अस्पताल में कोविड मरीजो के लिए 11 बेड का कोविड वार्ड बनाया गया है। जबकि 4 आईसीयू बेड और 6 वेंटिलेटर उपलब्ध है और अस्पताल में 35 ऑक्सिजन युक्त बेड है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में खांसी जुखाम और बुखार से ग्रस्त लोगों के कोरोना के टेस्ट किए जा रहे है। अगर कोई पॉजिटिव मामला सामने आता है तो उस सैंपल की जिनोम सिक्वेंसिंग करवाई जाएगी ताकि कोरोना वायरस के नए वेरिएंट का पता लगया जा सके। उन्होंने बताया कि हालांकि घुमारवीं में अभी तक कोरोना का कोई भी नया मामला सामने नही आया है। लेकिन एहतियात बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को सिविल अस्पताल घुमारवीं में मॉकड्रिल कार्यक्रम चलाया गया था। मॉकड्रिल कार्यक्रम के माध्यम से हर स्तर पर कोविड से निपटने की सिथितियों की जांच की गई थी। मॉकड्रिल में ऑक्सिजन की उपलब्धता, एम्बुलेंस की व्यवस्था, कोविड वार्ड की व्यवस्था, ऑक्सिजन युक्त बेड और आइसोलेशन बेड की उपलब्धता की जांच की गईं थी।
