Shimla, 21 November-:मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देशों के अनुरूप राज्य का राजस्व विभाग तेजी से डिजिटल रूपांतरण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। विभाग की नई तकनीकी पहलें न केवल कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और कुशल बना रही हैं, बल्कि आम नागरिकों को भी बड़ी सुविधा प्रदान कर रही हैं। अब लोगों को अपने राजस्व संबंधी कार्य करवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ते और अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हो चुकी हैं।
राज्य सरकार ने दो वर्ष पहले राजस्व प्रबंधन पोर्टल शुरू किया था, जो आज जनता के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो रहा है। इस पोर्टल के माध्यम से अब तक 1,16,490 मामलों में आदेश ऑनलाइन अपलोड किए जा चुके हैं। साथ ही सभी महत्वपूर्ण राजस्व मामलों से संबंधित डेटा नियमित रूप से अपडेट किया जा रहा है, जिससे नागरिक घर बैठे ही एक क्लिक में अपने मामलों की स्थिति देख सकते हैं।
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, मुख्यमंत्री सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार प्रशासनिक दक्षता को मजबूत करने के लिए उन्नत डिजिटल तकनीक को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है। विशेष रूप से इसलिए, क्योंकि राज्य की लगभग 90 प्रतिशत आबादी कृषि क्षेत्र पर निर्भर है और भूमि प्रबंधन में पारदर्शिता, रिकॉर्ड की शुद्धता और समयबद्ध सेवाएं बेहद आवश्यक हैं।इसी दिशा में शुरू की गई कागजरहित पंजीकरण प्रणाली ‘माई डीड’ अत्यंत प्रभावी रही है। इस प्रणाली के तहत अब तक 55,874 पेपरलेस रजिस्ट्री की जा चुकी हैं। यह सुविधा नागरिकों को किसी भी समय ऑनलाइन आवेदन करने की अनुमति देती है, जिसके लिए उन्हें केवल एक बार तहसील कार्यालय जाना पड़ता है। इस प्रक्रिया ने लोगों का समय, ऊर्जा और धन—तीनों की बचत की है।
राजस्व अधिकारियों के लिए शुरू की गई ई–रोज़नामचा प्रणाली भी अधिकारियों को दैनिक गतिविधियों का डिजिटल रिकॉर्ड रखने में सहायक सिद्ध हो रही है। इसके साथ ही राज्य के सभी राजस्व न्यायालयों को पहली सितंबर 2025 से ऑनलाइन कर दिया गया है। अब तकसीम, निशानदेही, दुरुस्ती और अतिक्रमण जैसे मामलों की फाइलिंग से लेकर सुनवाई तक की पूरी प्रक्रिया ई–फाइलिंग के माध्यम से संचालित की जा रही है। इस नई प्रणाली के कार्यान्वयन के बाद अब तक 5,940 मामले दर्ज किए जा चुके हैं।इसके अतिरिक्त, राज्य के सभी भूमि अभिलेख मानचित्रों को डिजिटाइज कर जियो-रेफरेंस किया गया है, जिससे भूमि मालिकों को पारदर्शी और त्वरित सेवा मिल रही है और विवादों में कमी आई है।मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही सरकार की प्राथमिकता है और डिजिटल पहलें प्रदेश में सुशासन को नई दिशा दे रही हैं।
