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Reading: अब कम होगा डेंगू रोग का संचरण… मच्छरों को किया जा सकेगा नियंत्रित
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अब कम होगा डेंगू रोग का संचरण… मच्छरों को किया जा सकेगा नियंत्रित

Chandrika
Chandrika 3 Min Read
Updated 2023/10/25 at 10:11 PM
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मंडी : धर्मवीर (TSN)- अब जानलेवा रोग डेंगू का संचरण कम करने और मच्छरों पर नियंत्रण किया जा सकेगा। इस शोध के दूरगामी परिणाम निकलेंगे।यह शोध भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी और इंस्टीट्यूट फॉर स्टेम सेल साइंस एंड रीजनरेटिव मेडिसिन, बेंगलुरु के शोधकर्ताओं ने साथ किया है।

IIT मंडी और डीबीटी-इनस्टेम के शोधकर्ताओं ने किया शोध

टीम ने ऐसी बायोकेमिकल प्रक्रियाओं की खोज की है जोकि डेंगू पैदा करने वाले मच्छर के अंडों को कठिन परिस्थितियों में जीवित रहने और अनुकूल परिस्थितियों में फिर से जीवित होने में सक्षम बनाती हैं। यह शोध मच्छरों द्वारा फैलाई जाने वाली बीमारियों के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। जोकि अधिक प्रभावी वेक्टर नियंत्रण उपायों के लिए एक नई आशा प्रदान करता है। इस शोध के विवरण को पीएलओएस बायोलॉजी जर्नल में प्रकाशित किया गया है। वहीं, कृषि कीटों के मामले में भी यह शोध अहम साबित होगा। इस शोध से प्राप्त जानकारी से संभावित रूप से मानसून की बारिश के बाद मच्छरों के पुनः प्रसार को रोका जा सकता है। यह अवधि पारंपरिक रूप से रोग संचरण के जोखिमों में वृद्धि के साथ जुड़ी हुई है। इस शोध से प्राप्त जानकारी का रोग नियंत्रण से इतर भी प्रयोग हो सकता है।

क्या कहते हैं प्रमुख शोधकर्ता

आईआईटी मंडी के प्रमुख शोधकर्ता डॉ. बास्कर बक्तवाचलू ने बताया कि मच्छर के अंडे सूखे की स्थिति का सामना करने के लिए एक परिवर्तित मेटाबोलिक अवस्था में प्रवेश करते हैं। जिससे पॉलीमाइन्स का उत्पादन काफी बढ़ जाता है जो भ्रूण को पानी की कमी से होने वाले नुकसान का सामना करने में सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके अलावा वह पुनर्जलीकरण होने के बाद अपने विकास को पूरा करने के लिए ऊर्जा स्रोत के रूप में उच्च कैलोरी लिपिड का उपयोग करते हैं।

शोध में इनकी भी रही भूमिका

इस शोध पेपर को तैयार करने में आईआईटी मंडी के स्कूल ऑफ बायोसाइंसेज एंड बायोइंजीनियरिंग विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. बस्कर बक्थावचालू के साथ अंजना प्रसाद, श्रीसा श्रीधरन और इंस्टीट्यूट फॉर स्टेम सेल साइंस एंड रीजेनरेटिव मेडिसिन (डीबीटी-इनस्टेम) से डॉ. सुनील लक्ष्मण का विशेष सहयोग रहा है।

TAGGED: Mandi IIT research
Chandrika October 25, 2023
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