Una, Rakesh-:हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप धीमान से आज रामपुर स्थित उनके कार्यालय में डॉ. भीमराव अंबेडकर जनकल्याण फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने भेंट की। इस दौरान फाउंडेशन के राज्य अध्यक्ष दुर्गा दास हीरा ने अनुसूचित जाति समाज से संबंधित विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर आयोग अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा।
आयोग अध्यक्ष कुलदीप धीमान ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि अनुसूचित जाति आयोग दलित समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और ज्ञापन में उठाए गए सभी मुद्दों पर गंभीरता व संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि धर्मशाला में अनुसूचित जाति की एक लड़की की मृत्यु के मामले में कांगड़ा के पुलिस अधीक्षक से विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है तथा निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
श्री धीमान ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू स्वयं इस प्रकरण को लेकर गंभीर हैं और उन्होंने दूरभाष के माध्यम से पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
एक अन्य मुद्दे पर जानकारी देते हुए आयोग अध्यक्ष ने कहा कि हाल ही में जिन लेक्चरर्स को प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नत किया गया है, उनमें अनुसूचित जाति वर्ग का कोई भी लेक्चरर शामिल नहीं है। इस विषय को सरकार और संबंधित विभाग के समक्ष जांच हेतु उठाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुसूचित जाति वर्ग के प्रत्येक व्यक्ति को उसका संवैधानिक अधिकार मिलना चाहिए।उन्होंने अनुसूचित जाति समाज के लोगों से आयोग द्वारा प्रदान की जा रही सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति आयोग दलित परिवारों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए पूर्ण रूप से समर्पित है।इस अवसर पर फाउंडेशन के जिलाध्यक्ष नरेश कुमार ने बंगाणा क्षेत्र में अनुसूचित जाति समाज के लोगों को स्थानीय श्मशान घाट में शवदाह से रोके जाने की घटना को लेकर आयोग अध्यक्ष को लिखित शिकायत भी सौंपी।
