नालागढ़:जगत सिंह(TSN)-लंबे अर्से से बंद पड़े दभोटा पुल के न बनने से जहां लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं, वहीं उद्योग व व्यापार जगत को भी नुक्सान उठाना पड़ रहा है। इस पुल को खुलवाने को लेकर अब प्रदेश के औद्योगिक संगठन लघु उद्योग संघ ने क्वायद शुरु की है। गौरतलब है कि यह पुल अगस्त में आई भारी बाढ़ में दब गया था, जिससे पुल का 20 फीसदी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था जबकि 80 फीसदी अब भी ठीक है। हिमाचल सरकार ने इस पुल की मुरम्मत करने से इसलिए मना कर दिया था क्योंकि यह पंजाब की परिधि में आता है इसलिए उसने हाथ खडे कर दिए।
वहीं इस पुल को लेकर प्रदेश के उद्योग संगठन लघु उद्योग संघ हिमाचल के पदाधिकारियों ने प्रदेशाध्यक्ष अशोक राणा, उपाध्यक्ष रमेश शर्मा और सतीश जैन ने अपनी टीम के साथ दभोटा गाँव का दौरा किया। अशोक राणा ने पंजाब सरकार के रवैये को लेकर जमकर भडास निकाली और आरोप लगाया कि आम आदमी की सरकार कहे जाने वाली भगवंत मान सरकार ने एक साल से इस पुल की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जो कि आज के लोकतंत्र में शर्मनाक है। दो सरकारें मिलकर 1 पिल्लर नहीं बना सके जो कि देश का दुर्भाग्य है। उन्होने कहा कि ये पुल पंजाब व हिमाचल को जोड़ता है और दोनो राज्यों के लोग एक दूसरे प्रांत में आते जाते हैं। प्रदेशाध्यक्ष अशोक राणा ने कहा कि पंजाब सरकार तो सुख की नींद सो रही है तो क्या हिमाचल सरकार का रवैया भी उदासीनता भरा है। राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस व आम आदमी पार्टी का गठबंधन है तो उसके नाते प्रदेश सरकार को पडोसी राज्य पंजाब के सीएम को इस मुददे को अवगत करना चाहिए। उन्होने कहा कि इस मुददे को लेकर जल्द ही पंजाब सरकार के चीफ इंजीनियर लोक निर्माण विभाग को ज्ञापन दिया जाएगा। अगर फिर भी कोई कार्यवाही नहीं होती तो दभोटा पुल पर एक दिन का सांकेतिक धरना दिया जाएगा।
दोनो चीफ सैक्ट्री की हुई थी मीटींग-एसडीएम
इस विषय में एसडीएम नालागढ़ दिव्यांशु ने कहा कि इस मुददे पर दोनो सरकारों के मुख्स सचिवों की बैठक हुई थी.जिसमें पुल को दुरुस्त करने की बात उठी थी। उस बैठक के बाद क्या हुआ मुझे जानकारी नहीं है।
