मंडी,धर्मवीर(TSN)-चतुर्थी के दिन काशी मंडी में व्यास नदी का तट उस समय गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से गुंजायमान हो गया, दर्जनों गणेश प्रतिमाओं को प्रवाहित करने के लिए हनुमान घाट लाया गया।इसके पूर्व सभी प्रतिमाओं के साथ शहर वासियों ने भव्य शोभायात्राएं निकाली जिसमें स्थानीय देवी-देवताओं के रथ भी शामिल हुए।
शहर में निकाली गई भव्य शोभायात्राएं,स्थानीय देवी-देवताओं ने भी भरी हाजरी
गणेश उत्सव को लेकर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी छोटी काशी के लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। चतुर्थी के दिन निकाली गई इस शोभा यात्रा में कोई पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुनों पर थिरक रहा था तो कोई ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमता हुआ नजर आ रहा था। किसी ने डीजे लगाकर भगवान गणेश की शोभायात्रा निकाली तो किसी ने ढोलकी-चिमटे के साथ भजन गाकर गणपति बप्पा को ब्यास नदी तक पहुंचाया। ब्यास नदी के तट पर पुलिस बल की मौजूदगी में पुलिस के ही कर्मियों ने पूरी सुरक्षा के साथ सभी गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया। गणपति बप्पा के विसर्जन के दृश्य को देखने के लिए ब्यास नदी के चारों ओर हजारों की भीड़ देखने को मिली। सभी ने गणपति बप्पा से मंडी शहर में अपनी सुख-स्मृद्धि को बनाए रखने और अगले बरस जल्दी आने की कामना की।
बता दें कि मंडी शहर में दर्जनों की संख्या में लोगों ने गणेश प्रतिमाओं को चतुर्थी वाले दिन स्थापित किया था।हालांकि पहले शहर में सिर्फ प्राचीन सिद्ध गणपति मंदिर में ही गणेश भगवान की प्रतिमा को स्थापित किया जाता था।लेकिन अब कुछेक सालों से हर गली-मोहल्ले में भगवान गणेश की दर्जनों प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं।जिससे गणेश उत्सव को लेकर पूरे मंडी शहरवासियों में खासा उत्साह देखने को मिलता है।
