ब्यूरो, शिमला: हिमाचल प्रदेश की राजनीति में विशेष प्रभाव रखने वाले पंडित संत राम की आज पुण्यतिथि हैं। हैरान करने वाली बात यह हैं कि 54 साल तक सक्रिय राजनीति करने वाले अपने इस नेता की पुण्यतिथि पर कांग्रेस को उनकी याद तक नहीं आई।प्रदेश कांग्रेस की तरफ से उन्हें श्रद्धांजलि तक नहीं दी गई। इतना ही नहीं प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है और सरकार की तरफ से भी श्रद्धांजलि संदेश तक जारी नहीं हुआ। जबकि पंडित संतराम कांग्रेस के अहम पदों पर रहने के साथ ही कई बार मंत्री भी रहे।
वीरभद्र सिंह के बेहद करीबी रहे पंडित संत राम को प्रदेशभर की जनता ‘पंडित जी’ के नाम से जानती थी। प्रदेश की राजनीति में अपना वर्चस्व कायम करने वाले पंडित संतराम की शुक्रवार को पुण्यतिथि हैं,लेकिन उनकी पुण्यतिथि के मौके पर कांग्रेस को उनकी याद ही नहीं आई. सिर्फ तत्कालीन वीरभद्र सरकार में शहरी विकास मंत्री और पंडित संत राम के बेटे सुधीर शर्मा ने अपने पिता को श्रद्धांजलि अर्पित की, लेकिन 54 साल तक कांग्रेस में रहने वाले पंडित संत राम को आला नेताओं ने याद तक नहीं किया। हालांकि देर शाम हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह की ओर से उनके योगदान को लेकर एक छोटा-सा संदेश जरूर जारी हुआ।
30 जून 1998 को हुआ था निधन
30 जून, 1998 को पंडित संतराम का निधन हुआ और उनके निधन के समय मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह ने कहा था कि संतराम का निधन ऐसा है, जैसे उनके शरीर से बाजू का अलग हो जाना।वीरभद्र सिंह जब भी किसी परेशानी में फंसा करते थे, तो पंडित संतराम ही उन्हें बाहर निकाला करते थे। पंडित संत राम की गिनती वीरभद्र सिंह के सिपहसालारों में अव्वल पर होती थी।
1972 में पहली बार विधायक बने थे पंडित संत राम
पंचायत के प्रधान के तौर पर राजनीति की शुरुआत करने वाले पंडित संत राम बैजनाथ पंचायत समिति के अध्यक्ष होते हुए प्रदेश विधानसभा में विधायक के तौर पर पहुंचे। साल 1972 में उन्होंने पहली बार विधायक का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। वे साल 1990 तक लगातार विधायक रहे। साल 1993 में हुए विधानसभा के लिए एक बार फिर निर्वाचित हुए। 9 मई, 1980 से 24 मई, 1982 तक वह मंत्रिपरिषद में राज्यमंत्री के तौर पर रहे। जून 1982 से 1985 तक के शिक्षा मंत्री, साल 1985 से साल 1990 तक कृषि मंत्री और 13 दिसंबर, 1993 से 1998 तक वे प्रदेश के वन मंत्री रहे. 30 जून, 1998 को उनका निधन हो गया। इसके अलावा पंडित संत राम के नाम इंग्लैंड, इटली, अमेरिका, जापान, हांगकांग और दुबई की विदेश यात्रा भी दर्ज हैं।
