बिलासपुर: सुभाष ठाकुर – क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में बीते काफी समय से मरीजो को सर्जन और ओटीए ( ऑपेरशन थियेटर एसिस्टेंट ) की सुविधा नहीं मिल पा रही थी। इसको लेकर अस्पताल में आने वाले मरीजो को भी काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। इसी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सोलन ने स्वास्थ्य मंत्री और सोलन के विधायक कर्नल धनीराम शांडिल को एक पत्र भी सौंपा था जिसपर उचित कार्यवाही करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश जारी किए और उसके बाद आज यानी 1 फरवरी से अस्पताल में लोगों को ओटीए और सर्जन की सुविधा मिल पा रही है।
राजगढ़ से सर्जन बद्दी से ओटीए को किया गया डेप्युट
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के एमएस डॉ एसएल वर्मा ने बताया कि बीते काफी समय से क्षेत्रीय अस्पताल में सर्जन और ओटीए के पद खाली थे। ऐसे में मरीजो को काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। जिसे देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री से बात की गई और उन्होंने तुरंत निर्देश किए। जिसके बाद आज से अस्पताल में सर्जन और ओटीए की तैनाती कर दी गई हैं। राजगढ़ से सर्जन और बद्दी से ओटीए की तैनाती अस्पताल में हुई है।
जानकारी के अनुसार वर्तमान में 10 दिनों के लिए सर्जन और ओटीए को अस्पताल बुलाया गया है। इससे अस्पताल आने वाले मरीजों को काफी राहत मिलेगी। वहीं सर्जरी के मरीजों को भी कुछ दिनों के लिए इधर-उधर नहीं जाना पड़ेगा। स्वास्थ्य मंत्री को इस बारे अवगत करवाने के बाद जिला प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की है। गौर रहे कि क्षेत्रीय अस्पताल जिला का सबसे बड़ा अस्पताल है। यहां पर सोलन समेत जिला शिमला और सिरमौर के कई क्षेत्रों के लोग इलाज के आते हैं। इसके चलते यहां पर 1200 से 1500 की ओपीडी रहती है। इनमें से करीब 300 मरीज सर्जिकल ओपीडी में इलाज के लिए आते है।
