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हिमाचल प्रदेश में एक एसा भी मंदिर.. मौसम की देवी के रूप में पूजी जाती है रोपड़ी गांव में स्थित मां सुरगणी

Chandrika
Chandrika 4 Min Read
Updated 2023/05/15 at 3:18 PM
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धर्मवीर -हिमाचल प्रदेश में एक एसी भी देवी हैं जो मौसम की देवी के रूप में पूजी जाती है । ये धार्मिक स्थल मंडी जिला के जोगिन्दर नगर उपमंडल मुख्यालय से लगभग 12 किलोमीटर की दूरी पर है । ग्राम पंचायत रोपड़ी कलैहडू के गांव रोपड़ी में मां सुरगणी का भव्य मंदिर है। यह मंदिर ऐहजू-बसाही सडक़ के साथ रोपड़ी गांव में एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। यह मंदिर मुख्य सडक़ से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर संपर्क सडक़ से जुड़ा हुआ है। इस मंदिर से जोगिन्दर नगर, चौंतड़ा, बीड़-बिलिंग इत्यादि क्षेत्रों के साथ-साथ हिमाच्छादित धौलाधार पर्वतमाला का विहंगम दृश्य देखते ही बनता है। साथ ही मंदिर के दूसरी ओर लडभड़ोल क्षेत्र तथा भभौरी धार का भी खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है। मंदिर प्रांगण में पहुंचते ही जहां मन को एक अलौकिक शांति का अनुभव होता है तो वहीं यहां की मंद-मंद बहती ठंडी हवा का स्पर्श, शरीर में एक नई तरह की ताजगी, उमंग एवं आध्यात्म का प्रवाह महसूस होता है।

अत्यधिक वर्षा या अनावृष्टि होने पर मांगते है लोग मनौती

कहा जाता है कि मां सुरगणी को पुराने समय से ही मौसम की देवी के रूप में पूजा जाता रहा है। कहते हैं कि जब कभी भी अत्यधिक वर्षा या अनावृष्टि होती थी तो स्थानीय लोग मनौती के रूप में मां सुरगणी को बकरी की बली देते थे। ऐसा करने से लोगों की मन्नत पूरी हो जाती थी। परन्तु वर्तमान समय में बलि प्रथा को बंद कर कड़ाह-प्रसाद व पकौनियों की प्रथा को शुरू किया गया है तथा अब लोग मनौती के लिए मां को कड़ाह-प्रसाद व पकौनियां चढ़ाते हैं।

पहले शिला रूप में विराजमान थी मां सुरगणी पिंडीः

कहते हैं कि पुरातन समय में मां सुरगणी पिंडी रूप में दो पत्थरों के बीच एक शिला रूप में विराजमान थी। वर्ष 1985 को स्थानीय निवासी गुरी सिंह को मां ने स्वपन के माध्यम से पिंडी स्थान पर मंदिर निर्माण करने को कहा। ऐसे में यहां पर एक छोटा सा मां का मंदिर निर्मित किया गया। वर्तमान में यहां पर मां का एक बड़ा मंदिर स्थापित किया गया है। साथ ही शिव व शनि मंदिरों का भी निर्माण किया है। स्थानीय एवं मां सुरगणी के प्रति गहरी आस्था रखने वाले लोगों के सहयोग से मंदिर परिसर को लगातार विकसित किया जा रहा है।

मंदिर परिसर विकास के लिए मंदिर कमेटी सुरगणी का गठन किया गया है तथा मेघ सिंह चौहान कमेटी के वर्तमान अध्यक्ष हैं। मंदिर कमेटी के समन्वयक रोशन लाल ठाकुर ने बताया कि मंदिर कमेटी ने दो मंजिला सत्संग भवन निर्माण करवाने का भी निर्णय लिया है। जिसके लिए मां के प्रति आस्था रखने वाले लोग मंदिर कमेटी को अपना सहयोग प्रदान कर सकते हैं। मंदिर में चैत्र नवरात्र के दौरान अष्टमी व नवमी को भव्य मेले का आयोजन कर भंडारा इत्यादि भी आयोजित किया जाता है। साथ ही चैत्र नवरात्रि के दौरान सरस्वती पाठ भी करवाया जाता है।

कैसे पहुंचे मां सुरगणी के मंदिर:

मां सुरगणी के इस पवित्र स्थान तक पहुंचने के लिए कई सडक़ मार्ग उपलब्ध हैं। विश्व प्रसिद्ध पैराग्लाइडिंग साइट बीड़-बिलिंग से वाया ऐहजू यह स्थान लगभग 12 किलोमीटर, लडभड़ोल से वाया रोपड़ी भी लगभग 12 किलोमीटर, जोगिन्दर नगर से वाया टिकरू-मोरडुग-रोपड़ी भी लगभग 12 किलोमीटर, बसाहीधार से भी लगभग 12 किलोमीटर तथा मछयाल से वाया बल्ह भी लगभग 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। सरकाघाट की ओर से आने वाले श्रद्वालु वाया बसाहीधार, पालमपुर बैजनाथ की ओर से आने वाले श्रद्धालु वाया ऐहजू, मंडी की ओर से आने वाले श्रद्धालु वाया जोगिन्दर नगर यहां पहुंच सकते हैं। मंदिर परिसर तक पक्की सडक़ बनी हुई है।

TAGGED: Mandi Maa Surgani is worshiped as the goddess of weather
Chandrika May 15, 2023
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