संजु चौधरी, शिमला: हिमाचल सरकार में पंचायती राज मंत्री व ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह मंगलवार को कांगड़ा के शाहपुर रैत पहुंचे। यहां पहुंचने पर स्थानीय विधायक केवल सिंह पठानिया के नेतृत्व में ब्लॉक कांग्रेस और पंचायत प्रतिनिधियों ने उनका जोर दार स्वागत किया। इस दौरान स्थानीय विधायक और पंचायत प्रतिनिधियों की ओर से रैत ब्लॉक भवन का मामला उठाया। इसके साथ ही मनरेगा की ऑनलाइन हाजरी के खिलाफ भी पंचायत प्रतिनिधियों ने पंचायतीराज मंत्री को ज्ञापन सौंपा ओर इस मामले को केंद्र के समक्ष उठाने की मांग रखी।
इस दौरान अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि वे भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने के लिए इंदौरा जा रहे थे और शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया की ओर से यहां पर उनका स्वागत किया गया और यहां कुछ लोगों की समस्याएं हैं जिसको लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ने उन्हें पंचायती राज्य और ग्रामीण विकास विभाग की जिम्मेवारी सौंपी हैं। पंचायतीराज संगठन रिड की हड्डी हैं, इस विभाग में काम करने के लिए बहुत हैं। वे खुद भी जिला परिषद के अध्यक्ष रहे हैं, ऐसे में इस विभाग को नजदीकी से जानते है।
उन्होंने कहा कि जल्द ही अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी और प्रदेश में केंद्र की कितनी योजनाएं चल रही हैं, कितना फंड आ रहा हैं ओर नई योजनाएं क्यों प्रदेश में नहीं लाई गई इसको लेकर अधिकारियों से रिपोर्ट ली जाएगी। इसके साथ ही प्रदेश भर में पंचायती राज ओर ग्रामीण विकास विभाग में कितने पद खाली हैं इसकी रिपोर्ट भी ली जाएगी और उन पदों को भरने की कवायद भी जल्दी शुरू की जाएगी।
इसके अलावा पंचायत प्रतिनिधियों की ओर से मनरेगा में ऑनलाइन हाजिरी की मांग पर अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियां अन्य राज्यों से अलग हैं, ऐसे में कई जिला के जनप्रतिनिधियों की ओर से मनरेगा में ऑनलाइन हाजिरी में आ रही दिक्कतों को उनके समक्ष जो मांग रखी गई हैं वह इस मांग को केंद्रीय मंत्रालय के समक्ष उठाएंगे और केंद्रीय मंत्री से मिलकर भी उन्हें इससे अवगत करवाएंगे कि हिमाचल दुर्गम क्षेत्र हैं और हिमाचल को इसमें रियायत दी जाए। वहीं उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों के खिलाफ रिकवरी की जो शिकायतें आई है उनका जल्द निपटारा करने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि स्थानीय विधायक केवल सिंह पठानिया ने पंचायत के नए भवन निर्माण की मांग की हैं। रेत ब्लॉक का भवन जो कि 1959 में बना है उसकी हालत काफी खराब है और ये भवन ऑपरेटिव सोसायटी के नाम हैं। इसको लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी ब्लॉक को बजट की कमी नहीं आने दी जाएगी।
भाजपा ने दिया 75 हजार करोड़ का कर्ज
अनिरुद्ध सिंह ने भाजपा पर भी जमकर निशाना साधा और कहा कि पूर्व सरकार ने प्रदेश को 75 हजार करोड़ के कर्ज के बोझ तले दबा दिया हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश में इस तरह की योजनाएं लाई जाएंगी ताकि प्रदेश अपने पांव पर खड़ा हो सके और प्रदेश में रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जो भी वादे चुनावों में किए हैं उन्हें पूरा किया जाएगा।
