सोलन :योगेश शर्मा- प्रदेश पंचायती राज मंत्री व जिला सोलन राहत एवं पुर्नवास समिति के अध्यक्ष अनिरुद्ध सिंह दो दिवसीय सोलन जिला के दौरे पर हैं, जहां वे बारिश से हुए नुकसान का जायजा ले रहे है । इस दौरान अनिरुद्ध सिंह ने वीरवार को सोलन जिला के अर्की में बारिश से हुए नुकसान का जायजा लिया वहीं अधिकारियों के साथ बैठक भी की।
अनिरूद्ध सिंह ने कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रदेश सरकार जन-जन की सुरक्षा सुनिश्चित बनाकर समयबद्ध राहत एवं पुनर्वास कार्य कर रही है। अनिरूद्ध सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के समय पर लिए गए निर्णयों और त्वरित कार्यवाही के साथ वर्तमान में प्रदेश में राहत एवं पुनर्वास का कार्य समयबद्ध कार्यान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आपदाओं का स्थान एवं समय निश्चित नहीं होता। आपदा पूर्व प्रबंधन, आपदा के समय ठोस निर्णय और समय पर उपलब्ध सहायता राशि के माध्यम से आपदा के कारण हुई क्षति को न्यून कर बहुमूल्य मानवीय जीवन को बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने यह सुनिश्चित बनाया कि आपदा उपरांत बहुमूल्य मानवीय जीवन की सुरक्षा हो, समय पर राहत मिले और दुर्गम स्थानों में फंसे पर्यटकों एवं स्थानीय निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों, कर्मचारियों, विभिन्न स्वयं सेवी संस्थाओं और प्रदेशवासियों के सहयोग से संकट की इस घड़ी में सुरक्षा एवं समय पर राहत सुनिश्चित हुई है।
अर्की उपमंडल में अबतक बारिश से करीब 92 करोड़ का नुकसान
अनिरूद्ध सिंह ने कहा कि भारी वर्षा के कारण अर्की उपमण्डल में भी काफी नुकसान हुआ है। अभी तक के आकलन के अनुसार अर्की उपमण्डल में भारी वर्षा से लगभग 92 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि अर्की उपमण्डल में लोक निर्माण विभाग को भारी वर्षा से 31.11 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि उपमण्डल में आपदा से 56 सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई थीं। इनमें से 50 सड़कों एवं सम्पर्क मार्गों को बहाल कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि शेष 06 मार्गों को बहाल करने का कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि जल शक्ति विभाग द्वारा अर्की उपमण्डल में सभी स्थानों पर जलापूर्ति सुचारू कर दी गई है। उपमण्डल में अभी तक फौरी राहत के रूप में लगभग 21 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई है।
फौरी राहत को सरकार ने बढ़ाया
ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि राज्य की प्रत्येक पंचायत में भारी वर्षा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए शुरूआत में एक-एक लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न नुकसान कार्यों को मनरेगा के तहत करवाने के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि भारी वर्षा से हुए नुकसान के दृष्टिगत आमजन को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने फौरी राहत को 20 गुणा बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया है। नष्ट फसलों के लिए फौरी राहत को 10 गुणा बढ़ाकर 03 हजार रुपये प्रति कनाल कर दिया गया है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वर्षा से होने वाले नुकसान की रिपोर्ट प्रतिदिन प्रस्तुत करें।
