राकेश,ऊना: ऊना में युवाओं में बढ़ रही नशावृत्ति की प्रवृत्ति की रोकथाम के लिए चलाए गए नशामुक्ति अभियान में पंचायत प्रतिनिधियों को रचनात्मक सहयोग के लिए अग्रणी भूमिका निभानी होगी, जिसे वह अपने मोहल्ले से आरंभ करें। एसडीएम ऊना विश्वमोहन देव चैहान ने इस अभियान को धरातल पर लाने के लिए ऊना उपमंडल के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता के दौरान कही।
एसडीएम ने कहा कि इस अभियान के तहत ऊना उपमंडल में दो-दो पीएचसी व सीएचसी में ड्रग एडिक्ट के उपचार व परामर्श ओपीडी शुरू करने के लिए चिकित्सकों को एम्स के विशेषज्ञ चिकित्सकों की पर से पांच दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त उपमंडल के सभी शिक्षण संस्थानों के प्रधानाचार्यों को भी इस अभियान के साथ जोड़ा जाएगा ओर प्रत्येक संस्थान से एक शिक्षक को नशामुक्ति अभियान के तहत प्रशिक्षित किया जाएगा जो स्कूल स्तर पर बच्चों को नियमित रूप से जागरुक करेेंगे।
उन्होंने बताया कि पंचायती राज संस्थाओं और धार्मिक संस्थाओं को भी इस अभियान में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ज़िला ऊना में नशावृत्ति को लेकर आए आंकड़े गंभीर चिंतन का विषय हैं ओर जब तक समाज के हर वर्ग का सहयोग नहीं मिलता, पुलिस व प्रशासन अकेले इस पर अंकुश नहीं लगा सकती। किशोरों में बढ़ रही इस प्रवृत्ति पर पूर्ण अंकुश लगाने के लिए सर्वप्रथम अभिभावकों को सतर्क रहने की आवश्यकता हैं।
उन्होंने कहा कि अभिभावक नशावृत्ति को चरित्र दोष नहीं, बल्कि एक बीमारी के रूप लें और इससे बच्चों को दूर रखने के लिए नशा मुक्त अभियान को अपने घर से शुरू करें। उन्होंने अभिभावकों से भी आवाह्न किया कि वे अपने बच्चे की दिनचर्या और व्यवहार में आने वाले बदलावों पर भी नज़र रखें।
डीएसपी अजय ठाकुर ने कहा कि नशाखोरी एक सामाजिक कुरीति की तरह पैर पसार रही है ओर इसकी रोकथाम के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी भूमिका तय करनी होगी। उन्होंने ज़िलावासियों से आह्वान किया कि इस कुरीति के उन्मूलन के लिए अपने परिवार से इस अभियान को आरंभ करके समाज को भी प्रेरित करें ओर ज़िला पुलिस का भी सहयोग करें।
