नालागढ़/जगत सिंह – पंजाबी गायकी में अपनी अलग पहचान बनाने वाले पारस बैंस अब राजनीति में कदम रखने की तैयारी में है। हिमाचल प्रदेश के छोटे से गांव में रहने वाले पारस बैंस ने अपनी कड़ी मेहनत और लग्न के बाद पंजाबी गायकी में अपनी अलग ही पहचान बनाई । पिछले 20 सालों से वह गायकी के क्षेत्र में हैं , उन्होंने भजन , पंजाबी गाने गाकर जहां लोगों का मनोरंजन किया , वहीं सैकड़ों की तादाद में स्टेज शो किए। इसके अलावा वे समाज सेवा के कामों में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते रहते है।

चाहे किसी गरीब परिवार के सदस्य के इलाज की बात हो या किसी गरीब कन्या की शादी की, उसमें वह सहयोग देते है। पारस बैंस ने अब गायकी के क्षेत्र को बाय बाय बोलने के बाद, समाज सेवा करने के चलते राजनीति में उतरने का फैसला लिया है। वही वह नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र में पिछले दो-तीन सालों से लगातार लोगों से संपर्क बनाए हुए हैं और अब वह नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र से आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में है।

नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र में जनता मूलभूत सुविधाओं से महरूम
गायक पारस बैंस ने द समर न्यूज से बातचीत में कहा कि नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस का भी विधायक रहा और भाजपा से भी विधायक रहा लेकिन किसी ने भी क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई । जिसके चलते आज आलम यह है कि क्षेत्र के लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है । इतना बड़ा औद्योगिक क्षेत्र होने के बावजूद भी यहां कोई ढंग का अस्पताल नहीं है। अस्पताल में ना तो पूरे डॉक्टर है और स्टाफ की भी काफी कमी है ।

इसी तरह शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार द्वारा बड़े-बड़े दावे किए गए और घोषणाएं की गई। बिना स्कूल के भवनों के ही किराए के कमरों में कॉलेज वह अन्य सरकारी दफ्तर खोल दिए गए लेकिन आज भी कि सत्र के पहाड़ी हलके के लोग, कच्चे मकानों में रहने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में फैक्ट्रियों से निकलने वाले केमिकल युक्त जहरीले पानी के कारण अब तक दर्जनों लोग कैंसर की चपेट में आने के कारण मर चुके हैं , लेकिन सरकार ने न तो इन फैक्ट्री पर कार्रवाई की और ना ही प्रशासन इस पर कोई लगाम लगा रहा है।
मेनिफेस्टो को एक एफिडेविट के माध्यम से जनता के बीच रखेंगे

पारस बैंस ने कहा कि अगर जनता उन्हें विधानसभा चुनकर भेजती है तो पहले वह लोगों की मूलभूत सुविधाओं के लिए कार्य करेंगे। उन्होंने दावा किया है कि वह अपने मेनिफेस्टो को एक एफिडेविट के माध्यम से जनता के बीच सौंपेंगे , ताकि अगर वह क्षेत्र की जनता से किए गए वादों को पूरा नहीं करते तो लोग उनके ऊपर कानूनी कार्रवाई भी कर सकते हैं।
