सोलन/योगेश शर्मा – प्रदेश के ऐसे कई जाने माने चेहरे है जिन्होंने राजनीति में अपनी अलग जगह बनाई है। छात्र राजनीति से निकल कर आज कई ऐसी हस्तियां है जो राज्य व राष्ट्रीय स्तर की राजनीति में है। राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के सुप्रीमो रुमित सिंह ठाकुर भी एक युवा नेता है जो एबीवीपी के कार्यकर्ता रहे है। हालांकि उनके दादा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे।

रुमित सिंह ठाकुर की शुरुआती पढ़ाई कुनिहार में हुई उसके बाद उन्होंने अपनी कॉलेज की पढ़ाई नाहन कॉलेज से की । वे एबीवीपी में लंबे समय तक रहे, फिर रुमित सिंह ठाकुर ने 3 साल तक भारतीय जनता युवा मोर्चा के सदस्य के रूप में काम किया । उसके बाद बजरंग दल के प्रांत सह संयोजक और आर एस एस के आईटीसी से प्रशिक्षित हुए। वही रुमित सिंह ठाकुर विश्व हिंदू परिषद के भी सदस्य रहे हैं।

रुमित सिंह ठाकुर का जन्म 17 फरवरी 1983 को कुनिहार में हुआ,उनकी शुरुआती पढ़ाई कुनिहार में हुई। उसके बाद उन्होंने अपनी कॉलेज की पढ़ाई नाहन कॉलेज से की ,वे एबीवीपी में लंबे समय तक रहे, फिर रुमित सिंह ठाकुर ने 3 साल तक भारतीय जनता युवा मोर्चा के सदस्य के रूप में काम किया। उसके बाद बजरंग दल के प्रांत सह संयोजक और आर एस एस के आईटीसी से प्रशिक्षित हुए। वही रुमित सिंह ठाकुर विश्व हिंदू परिषद के भी सदस्य रहे है।

स्वर्ण आयोग बनाने की मांग को लेकर आए सुर्खियों में
रुमित सिंह ठाकुर ने करीब 1 साल पहले सुर्खियों में आए रुमित सिंह ठाकुर ने स्वर्ण आयोग बनाने की मांग को लेकर देव भूमि क्षत्रिय संगठन का निर्माण किया था।

लगातार उनके साथ प्रदेश भर से लोग जुड़ते रहे, लेकिन एक समय ऐसा भी आया जब रुमित सिंह ठाकुर ने पार्टी का ऐलान कर चुनाव लड़ने का एलान किया और देव भूमि क्षत्रिय संगठन टूटने लगा , लेकिन अब देवभूमि क्षत्रिय संगठन राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के रूप में उभरकर लोगों के सामने आ रही है । जिसके सुप्रीमो आज रुमित सिंह ठाकुर है।
