विकास शर्मा,चिंतपूर्णी: जसवां परागपुर क्षेत्र के लोगों की मदद के लिए हर पल तैयार रहने वाले समाजसेवी संजय पराशर बीमारी से पीड़ित गरीबों के लिए सहारा बन रहे है।समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति लिए उनकी मानवीय संवेदनाएं ऐसी हैं कि अपने स्तर पर उन्होंने गरीब मरीजों के लिए व्यवस्था खड़ी कर दी है, जिसका लाभ आम आदमी को मिल रहा है। अब तक पराशर ने अपने संसाधनों से चार सौ से अधिक मरीजों के इलाज में प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से सहायता की जा चुकी है। सोमवार को भी पराशर की टीम ने पीजीआई चंडीगढ़ में ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित अप्पर भलवाल की एक बच्ची के इलाज में यथासंभव सहायता की।
दरअसल संजय पराशर ने टांडा मेडीकल कॉलेज, कांगड़ा, पीजीआई, चंडीगढ़, आइएमजीसी, शिमला और एम्स, दिल्ली में गरीब मरीजों व उनके परिवारों के लिए विशेष व्यवस्था बना दी है। सभी जगहों पर स्टाफ की नियुक्ति भी कर दी है। आवश्यकता पड़ने पर स्टाफ मरीजों की सहायता करता है और पर्ची बनवाने से विभिन्न टेस्ट करवाने में मदद करता है। इतना ही नहीं ऐसे मरीजों के ठहरने तक की व्यवस्था का प्रावधान किया जाता है।
पराशर ने न सिर्फ जसवां-परागपुर बल्कि जिला ऊना व कांगड़ा के मरीजों के इलाज में अपना योगदान दिया है। सोहारी टकोली से हृदय रोग से पीड़ित सुरेंद्र कुमार का टांडा मेडीकल कॉलेज में चल रहे इलाज के मदद की तो ज्वाली तहसील के भरमाड़ गांव के तीन वर्षीय बीमार बच्चे अजय, टटेहड़ा अंब से अंत राम और घल्लौर ज्वालामुखी से मरीज चंचला देवी के उपचार में सहायता की। घाटी से श्रेष्ठा देवी, बाथू टिप्परी से राजिंद्र सिंह, परागपुर से शिवानी देवी, मलोट से साहिल कुमार, कोटला बेहड़ से संयोगिता देवी, हलेड़ से सुरेश कुमार और स्वाणा गांव के संजीव कुमार के इलाज भी संजय ने सहयोग दिया। कई मरीजों के उपचार के दौरान उनके ठहरने व खाने-पीने का सारा खर्च संजय पराशर ने उठाया है।
बड़ी बात यह भी है कि पराशर के सहयोग से पीजीआई उपचार करवाने वाले मरीजों के परिजनों निक्का राम, वाले सुरेश कुमार, राकेश और तिलक राजे ने कहा कि कैप्टन संजय ने जो क्षेत्र की जनता की स्वास्थ्य के क्षेत्र में मदद की उसका दूसरेया उदाहरण कहीं ओर देखने को नहीं मिलता है। जरुरतमंद लोग उनसे संपर्क करके जब अपनी समस्या बताते हैं तो संजय उसी वक्त अपनी टीम को काम पर लगा देते हैं और तुरंत अस्पताल में टीम सहयोग देने पहुंच जाती है। उन्होंने बताया कि कई बार तो बड़े अस्पतालों में पहुंचकर ग्रामीणों को वार्ड तक ढूंढना मुश्किल हो जाता है, लेकिन पराशर की टीम घर के किसी सदस्य जैसा व्यवहार करती है और मरीजों व उनके परिवार वालों को मुश्किल वक्त में आसरा मिल जाता है।
ऊना में कि है डॉक्टर की तैनाती
संजय पराशर की ओर से ऊना में भी एक विशेष चिकित्सक की तैनाती की गई है, जो विभिन्न बीमारियों का इलाज कर रहे है। ऊना में चिकित्सक पूजा कौशल ने बताया कि अब तक कैप्टन संजय पराशर की ओर इ भेजे गए 178 मरीजों का इलाज कर चुकी है।
