सोलन/योगेश शर्मा: सोलन में जनता को पानी के एक साथ चार चार महीनों के आए भारी बिलों से जोर का झटका लगा है। लोगों को चार महीनों के एक साथ पांच पांच हजार के बिल आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि कांग्रेस ने चुनाव लडने के समय 100 रुपए में साढ़े बारह हजार पानी देने का वादा किया था और अब वह वादा पूरा नहीं कर पा रही। बता दें कि कांग्रेस ने नगर निगम के अपने घोषणा पत्र में 100 रुपए में साढ़े बारह हजार लीटर पानी देने और मुफ्त कूड़ा उठाने का वादा किया था, लेकिन राजनीतिक उठापटक के बाद अब लोगों को पानी और कूड़े के बिल आने शुरू हो गए है । लोगों को यह चार महीने के बिल 900 से 5000 तक आ रहे है, जिससे लोगों को झटका लग रहा है।
निगम कार्यालय में पानी व कूड़े के बिल जमा करवाने के लिए आए लोगों का कहना था कि चुनावी समय मे कांग्रेस ने सस्ता पानी देने और कूड़े के बिल माफ करने की बात कही थी,लेकिन अब वो वादा पूरा नही कर रही है। लोगों का कहना है कि भले ही नगर निगम ने चार चार महीने के पानी के बिल दिए है , लेकिन वो भी आम आदमी के लिए बहुत है। जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर भी गहरा असर पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि पानी के साथ साथ कूड़े के बिल भी लोगों के लिए आ रहे है। जिसकी बात कांग्रेस की नगर निगम ने मुफ्त देने की कही थी।
डिप्टी मेयर ने कहा सरकार ने अधिकारियों पर बनाया दबाव
इस मामले पर नगर निगम के डिप्टी मेयर राजीव कौड़ा ने कहा है कि प्रदेश सरकार सोलन से लगातार भेदभाव करती आ रही है। सोलन नगर निगम अपने स्तर पर भी 100 रुपए में पानी देने में सक्षम था लेकिन सरकार ने इसमें पेच फसा दिया है। निगम ने पॉलिसी बनाकर सरकार को भेजी थी और सरकार जानती है कि इस पॉलिसी में कोई कमी नहीं है, लेकिन फिर भी सरकार ने इसे मंजूर नहीं किया। उन्होंने कहा कि इसके बाद सरकार ने अधिकारियों पर दबाव बनाकर बिल देने को जरूरी बताया है। जिसके बाद 8 महीनों के बिल नगर निगम में जारी किया है। लोगों पर ज्यादा बोझ न हो जिसके लिए चार चार महीनों के बिल जारी किए जा रहे है। फिलहाल पॉलिसी को सरकार ने सस्पेंड किया है। राजीव कौड़ा ने कहा कि नगर निगम के चुनाव में जो कांग्रेस ने वादा किया है , उस पर अभी भी निगम अड़िग है और आने वाले समय में उसी वादे के अनुसार लोगों को सुविधाएं मुहैया करवाई जाएगी।
